नोएडा। रेहड़ी-पटरी संचालक वेलफेयर एसोसिएशन (राष्ट्रीय संगठन) ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को पत्र भेजकर प्रदेश के लाखों रेहड़ी-पटरी संचालकों की समस्याओं और अधिकारों को राजनीतिक मंच पर प्रमुखता से उठाने की मांग की है। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं संस्थापक श्याम किशोर गुप्ता ने कहा कि रेहड़ी-पटरी संचालक देश और प्रदेश की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं, लेकिन इसके बावजूद यह वर्ग आज भी प्रशासनिक, सामाजिक और आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रहा है।
‘कानून बनने के बाद भी नहीं मिल रहा अधिकार’
संगठन का कहना है कि पथ विक्रेता (जीविका संरक्षण एवं पथ विक्रय विनियमन) अधिनियम-2014 लागू होने के बावजूद कई स्थानों पर रेहड़ी-पटरी संचालकों को उत्पीड़न, अवैध वसूली, विस्थापन और रोजगार की असुरक्षा जैसी समस्याओं से जूझना पड़ रहा है। पत्र में कहा गया है कि किसानों, मजदूरों, युवाओं और महिलाओं के मुद्दे राजनीतिक मंचों पर उठाए जाते हैं, लेकिन रेहड़ी-पटरी संचालकों की समस्याओं पर अपेक्षित चर्चा नहीं होती।
सपा से पांच प्रमुख मांगें रखीं
श्याम किशोर गुप्ता ने समाजवादी पार्टी से मांग की है कि पार्टी मंच से रेहड़ी-पटरी संचालकों की आवाज बुलंद की जाए, पथ विक्रेता अधिनियम-2014 का पूर्ण पालन सुनिश्चित कराने के लिए सरकार पर दबाव बनाया जाए, टाउन वेंडिंग कमेटियों का गठन एवं प्रभावी संचालन कराया जाए, रेहड़ी-पटरी संचालकों के लिए सामाजिक सुरक्षा, स्वास्थ्य बीमा और आसान ऋण योजनाएं लागू कराई जाएं तथा पार्टी के घोषणा पत्र और सार्वजनिक कार्यक्रमों में इस वर्ग की समस्याओं को उचित स्थान दिया जाए।
‘लाखों परिवारों की आजीविका का सवाल’
संगठन ने कहा कि प्रदेश में लाखों परिवार अपनी आजीविका के लिए रेहड़ी-पटरी व्यवसाय पर निर्भर हैं। ऐसे में उनके अधिकारों की रक्षा और सम्मानजनक रोजगार सुनिश्चित करना सरकार और राजनीतिक दलों की जिम्मेदारी है। संगठन ने उम्मीद जताई है कि समाजवादी पार्टी रेहड़ी-पटरी संचालकों की भावनाओं को समझते हुए उनके हित में सकारात्मक पहल करेगी और इस वर्ग की समस्याओं को राजनीतिक विमर्श का हिस्सा बनाएगी।


