
नोएडा।यमुना एक्सप्रेसवे पर आग लगने से 9 लोगों की मौत का शिकार हुई बस के संचालन में यातायात नियमों की अनदेखी सामने आई है। बताया जा रहा है कि बस के इंजन से आवाज आने की शिकायत लगातार मिल रही थी, लेकिन इसके बावजूद प्रभावी कार्रवाई करने के बजाय मामला यातायात चालान तक ही सीमित रहा।
कम उम्र के ड्राइवर से बस चलाने पर हुआ था चालान
बस के संचालन में नियमों की अनदेखी का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि जनवरी 2026 में 20 साल से कम उम्र के ड्राइवर से बस चलवाने के मामले में चिल्ला में बस का चालान किया गया था। इसके बावजूद बस का संचालन जारी रहा।
फ्यूल चेंज और रेट्रोफिटिंग नियमों का भी उल्लंघन
इससे पहले जून 2025 में बस के फ्यूल चेंज और रेट्रोफिटिंग से जुड़े नियमों के उल्लंघन पर भी चालान किया गया था। लगातार नियमों के उल्लंघन के बावजूद बस के संचालन पर प्रभावी रोक नहीं लगाई गई।
चालान तक सीमित कार्रवाई पर उठे सवाल
बस में पहले से सामने आ रही तकनीकी शिकायतों और नियमों के उल्लंघन के मामलों के बावजूद कार्रवाई केवल चालान तक सीमित रहने पर सवाल उठ रहे हैं। अब हादसे के बाद बस के फिटनेस, संचालन और सुरक्षा मानकों की जांच पर भी सवाल खड़े हो गए हैं।



