ग्रेटर नोएडा। उत्तर प्रदेश भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (यूपी रेरा) ने घर खरीदारों के हित में महत्वपूर्ण पहल की है। रेरा ने स्पष्ट किया है कि जिन आवंटियों से प्रमोटर्स ने निर्धारित दर से अधिक जीएसटी वसूला है, वे अब सीधे जीएसटी विभाग से रिफंड का दावा कर सकेंगे।
निर्धारित दर से ही वसूला जाएगा जीएसटी
यूपी रेरा ने निर्देश दिया है कि प्रदेश की सभी पंजीकृत रियल एस्टेट परियोजनाओं में जीएसटी की वसूली केवल केंद्र सरकार द्वारा अधिसूचित दरों के अनुसार ही की जाए। रेरा ने इस संबंध में जनवरी 2025 में भी निर्देश जारी किए थे, लेकिन इसके बावजूद कुछ परियोजनाओं में अधिक जीएसटी वसूले जाने के मामले सामने आए।
जीएसटी पोर्टल पर कर सकेंगे रिफंड का दावा
रेरा चेयरमैन संजय भूस रेड्डी ने बताया कि राज्य कर विभाग के समन्वय से रिफंड की प्रक्रिया तय कर दी गई है। यदि फ्लैट खरीद या निर्माण सेवा के दौरान परियोजना निरस्त हो जाए, अनुबंध समाप्त हो जाए या आवंटन रद्द हो जाए और प्रमोटर द्वारा क्रेडिट नोट जारी करने की समय-सीमा समाप्त हो चुकी हो, तो आवंटी सीधे जीएसटी पोर्टल पर रिफंड के लिए आवेदन कर सकता है।
अनियमित वसूली पर रखी जाएगी नजर
रेरा ने स्पष्ट किया है कि आवंटियों से नियमों के विपरीत अतिरिक्त जीएसटी वसूलने की शिकायतों पर निगरानी रखी जाएगी। इस पहल का उद्देश्य घर खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट परियोजनाओं में जीएसटी नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करना है।


