नोएडा। जिले में कार्यरत करीब 2300 परिषदीय शिक्षकों में से केवल तीन शिक्षकों ने ही राज्य अध्यापक पुरस्कार के लिए आवेदन किया है। अपेक्षा से बेहद कम आवेदन मिलने पर बेसिक शिक्षा विभाग ने आवेदन की अंतिम तिथि 30 जून से बढ़ाकर 7 जुलाई कर दी है। विभाग का उद्देश्य है कि अधिक से अधिक पात्र शिक्षक इस प्रतिष्ठित सम्मान के लिए अपनी दावेदारी प्रस्तुत करें।
राज्य अध्यापक पुरस्कार के लिए परिषदीय प्राथमिक, उच्च प्राथमिक और सहायता प्राप्त जूनियर हाईस्कूलों में कार्यरत पात्र शिक्षक-शिक्षिकाओं को प्रेरणा पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन करना है। आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद जनपद चयन समिति 20 जुलाई तक अभिलेखों का सत्यापन और मूल्यांकन कर तीन श्रेष्ठ शिक्षकों के नाम राज्य चयन समिति को भेजेगी।
बेसिक शिक्षा विभाग को उम्मीद थी कि जिले के शिक्षक अपने नवाचार, गुणवत्तापूर्ण शिक्षण और विद्यार्थियों के हित में किए गए उल्लेखनीय कार्यों के आधार पर बड़ी संख्या में आवेदन करेंगे। हालांकि अंतिम तिथि तक केवल तीन आवेदन मिलने से विभाग भी हैरान है। अधिकारियों का कहना है कि जिले में कई शिक्षक उत्कृष्ट कार्य कर रहे हैं, लेकिन यदि वे अपनी उपलब्धियों को सामने नहीं लाएंगे तो उन्हें व्यापक स्तर पर पहचान नहीं मिल सकेगी।
गौरतलब है कि चौड़ा गांव स्थित प्राथमिक विद्यालय लगातार दो वर्षों तक राज्य शिक्षक पुरस्कार हासिल कर जिले के लिए मिसाल बन चुका है। वर्ष 2023 में शिक्षिका रूसी गुप्ता और वर्ष 2024 में शिक्षिका सुमन यादव को उनके नवाचारी शिक्षण कार्यों के लिए यह सम्मान मिला था। विभाग को उम्मीद है कि आवेदन की बढ़ी हुई अवधि के दौरान अधिक शिक्षक आगे आकर अपनी उपलब्धियों के आधार पर आवेदन करेंगे।


