गोविंदा यादव, नोएडा। नोएडा इंडोर स्टेडियम से जुड़े कथित फर्जी दस्तावेज, अंतरराष्ट्रीय भारतीय खिलाड़ियों के नाम के कथित दुरुपयोग, मनमानी फीस और बिना Fire NOC आयोजन जैसे आरोपों को लेकर शुरू हुआ विवाद अब एक नए मोड़ पर पहुंचता दिखाई दे रहा है। मामले में युवा क्रांति सेना के अध्यक्ष अविनाश सिंह की ओर से कार्रवाई की मांग किए जाने के बाद अब उनके खिलाफ भी गंभीर आरोप सामने आए हैं।
दरअसल, युवा क्रांति सेना के अध्यक्ष अविनाश सिंह ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर नोएडा इंडोर स्टेडियम में कथित अनियमितताओं को लेकर सवाल उठाए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि फर्जी दस्तावेज, भारतीय अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों के नाम के कथित दुरुपयोग, मनमानी फीस और बिना Fire NOC आयोजनों जैसे गंभीर मामलों में करीब एक महीने से कार्रवाई का इंतजार किया जा रहा है। उन्होंने नोएडा प्राधिकरण के CEO से जांच और कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि खेल का मैदान खिलाड़ियों के हित के लिए है, न कि किसी के निजी स्वार्थ के लिए।
NCF ने उठाए युवा क्रांति सेना पर सवाल
अविनाश सिंह के आरोपों के बाद सामाजिक संस्था NCF की ओर से भी पलटवार किया गया। संस्था ने सवाल उठाया कि युवा क्रांति सेना अचानक इस मामले में इतनी सक्रिय क्यों हो गई। NCF के मुताबिक, उसे ऐसी जानकारी मिली है कि संस्था के अध्यक्ष अधिकारियों की शिकायतें कर उन पर दबाव बनाने की कोशिश करते हैं।
NCF ने यह भी दावा किया कि अविनाश सिंह की अपनी एकेडमी नोएडा स्टेडियम में संचालित होती है और वह प्राधिकरण से इसे कथित तौर पर निशुल्क उपलब्ध कराने की मांग कर रहे हैं। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी सामने नहीं आई है।
सामाजिक संस्था ने युवा क्रांति सेना के गठन, उसके संरक्षक, अध्यक्ष और अन्य पदाधिकारियों की जानकारी सार्वजनिक किए जाने की मांग भी उठाई है। साथ ही संस्था के लेटरहेड पर स्पष्ट पता नहीं होने और ट्राइसिटी टुडे से किसी पदाधिकारी के कथित संबंध को लेकर भी सवाल पूछे गए हैं। ये सभी सवाल फिलहाल आरोपों और दावों के स्तर पर हैं।
अब सामने आया शिकायत का दावा
इसी बीच सूत्रों के हवाले से एक और महत्वपूर्ण जानकारी सामने आ रही है। बताया जा रहा है कि नोएडा इंडोर स्टेडियम में युवा क्रांति सेना के अध्यक्ष अविनाश सिंह की एंट्री पर रोक लगा दी गई है। इसके अलावा, स्टेडियम का संचालन करने वाली कंपनी की मालकिन द्वारा थाने में शिकायत दिए जाने की भी बात कही जा रही है।
सूत्रों के मुताबिक, शिकायत में आरोप लगाया गया है कि अविनाश सिंह कथित तौर पर कंपनी से पैसे ऐंठने के उद्देश्य से स्टेडियम और कंपनी के खिलाफ इस तरह की गतिविधियां कर रहे हैं। शिकायत में यह भी आरोप लगाए जाने की बात सामने आ रही है कि वह ‘लोकेश चौहान’ नाम का हवाला देकर डराने का प्रयास करते हैं और कंपनी के निजी कार्यालय में आकर कथित तौर पर जबरन बैठ जाते हैं।
हालांकि, शिकायत में लगाए गए इन आरोपों की वास्तविकता जांच और संबंधित पक्षों के बयान के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। यह भी स्पष्ट नहीं है कि पुलिस ने शिकायत पर कोई FIR दर्ज की है या मामले में अभी जांच चल रही है।
एक विवाद, कई सवाल
पूरे मामले ने नोएडा इंडोर स्टेडियम की कार्यप्रणाली के साथ-साथ शिकायत करने वाले पक्ष की भूमिका पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। एक तरफ युवा क्रांति सेना स्टेडियम में कथित अनियमितताओं और खिलाड़ियों के हितों का मुद्दा उठाने का दावा कर रही है, तो दूसरी तरफ NCF और स्टेडियम संचालन से जुड़े पक्ष उसके उद्देश्यों और गतिविधियों पर सवाल उठा रहे हैं।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि स्टेडियम में कथित अनियमितताओं को लेकर लगाए गए आरोपों की जांच का क्या नतीजा निकलता है और दूसरी ओर अविनाश सिंह के खिलाफ सामने आई शिकायत में पुलिस क्या कार्रवाई करती है?
फिलहाल मामला आरोप बनाम आरोप के बीच उलझा हुआ है। यदि जांच में फर्जी दस्तावेज, नियमों के उल्लंघन या किसी अन्य अनियमितता की पुष्टि होती है तो जिम्मेदारी तय होना जरूरी होगा। वहीं, यदि अविनाश सिंह के खिलाफ लगाए गए वसूली, धमकाने या जबरन कार्यालय में बैठने जैसे आरोप सही पाए जाते हैं, तो उन पर भी कानूनी कार्रवाई का रास्ता खुल सकता है।
यानी जिस विवाद की शुरुआत खिलाड़ियों के हित और स्टेडियम में कथित अनियमितताओं के सवाल से हुई थी, वह अब शिकायतकर्ता की भूमिका और उसके खिलाफ लगाए गए गंभीर आरोपों तक पहुंच चुका है। आने वाले दिनों में जांच और पुलिस की कार्रवाई इस पूरे विवाद की दिशा तय कर सकती है।


