ग्रेटर नोएडा। गौतमबुद्ध नगर कमिश्नरेट पुलिस श्रमिक हिंसा मामले में आरोपी सत्यम वर्मा और आकृति के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) की धारा 16ए के तहत कार्रवाई की तैयारी कर रही है। पुलिस की जांच रिपोर्ट के आधार पर जिलाधिकारी मेधा रूपम ने दोनों के विरुद्ध यूएपीए की कार्रवाई की संस्तुति प्रदेश सरकार को भेज दी है।
प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत अब शासन स्तर पर गठित सेवानिवृत्त न्यायाधीशों की समिति आरोप पत्र और उपलब्ध साक्ष्यों की समीक्षा करेगी। समिति की संस्तुति के बाद केंद्र सरकार की मंजूरी मिलने पर ही पुलिस दोनों आरोपितों के खिलाफ यूएपीए की धाराओं में कार्रवाई कर सकेगी।
पुलिस की आरोप पत्र में सत्यम वर्मा और आकृति को ‘मजदूर बिगुल दस्ता’ का सक्रिय सदस्य बताया गया है। जांच में दोनों पर श्रमिकों को भड़काऊ भाषण देकर हिंसा के लिए उकसाने और कानून-व्यवस्था प्रभावित करने जैसी गंभीर गतिविधियों में शामिल होने के आरोप लगाए गए हैं।
गौरतलब है कि 10 से 13 अप्रैल के बीच वेतन वृद्धि समेत विभिन्न मांगों को लेकर नोएडा के कई औद्योगिक क्षेत्रों में श्रमिक हिंसा हुई थी। इस दौरान पुलिस वाहनों में तोड़फोड़ और आगजनी, फैक्ट्रियों में नुकसान, सड़क जाम, पथराव और मारपीट जैसी घटनाएं सामने आई थीं। इन मामलों की जांच के बाद पुलिस अब आरोपितों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ा रही है।


