ग्रेटर नोएडा। जिले के 265 मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों की लापरवाही से एक लाख सात हजार 76 छात्रों की डिजिटल पहचान यानी ऑटोमेटेड परमानेंट एकेडमिक अकाउंट रजिस्ट्री (अपार आईडी) का काम अब तक पूरा नहीं हो सका है। शिक्षा विभाग ने इन विद्यालयों को अंतिम नोटिस जारी किया है। 10 अगस्त तक लंबित कार्य पूरा नहीं होने पर संबंधित स्कूलों की मान्यता रद्द करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। कार्रवाई से पहले विद्यालयों का यूडाइस कोड भी बंद किया जाएगा।
बड़े विद्यालय भी अपार आईडी बनाने में पीछे
विभागीय अधिकारियों के अनुसार कई बड़े निजी विद्यालय भी अपार आईडी बनाने के मामले में फिसड्डी साबित हुए हैं। दयावती मेमोरियल स्कूल दादरी में 4,659 छात्रों में से 2,389 की अपार आईडी नहीं बनी है। विद्या पब्लिक स्कूल बिसरख में 1,203, हर्ष दीप पब्लिक जूनियर हाई स्कूल में 1,104, शारदा पब्लिक स्कूल में 1,060, एचएस पब्लिक स्कूल में 996, अंजेल पब्लिक स्कूल में 989, धर्म सिंह मेमोरियल पब्लिक स्कूल में 978, अनुभा ग्लोबल स्कूल में 905, बाल उदय मॉडल स्कूल में 892 और एसएसवी पब्लिक स्कूल दनकौर में 886 छात्रों की अपार आईडी लंबित है। सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को अपने क्षेत्र के विद्यालयों की प्रतिदिन निगरानी के निर्देश दिए गए हैं।
10 अगस्त को बीईओ कार्यालय में पहुंचना होगा
सूचीबद्ध विद्यालयों के प्रबंधकों और प्रधानाचार्यों को 10 अगस्त को संबंधित खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में अपने अपार कार्य के प्रभारी और लैपटॉप के साथ उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं। इसका उद्देश्य मौके पर ही लंबित अपार आईडी का काम पूरा कराना है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय में कार्य पूरा नहीं होने या संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर संबंधित विद्यालयों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
अभिभावकों की सहमति जरूरी, मान्यता रद्द करने की तैयारी
बीएसए ने स्पष्ट किया है कि अपार आईडी बनाने से पहले छात्रों के अभिभावकों का सहमति पत्र विद्यालय स्तर पर सुरक्षित रखना अनिवार्य है। नई शिक्षा नीति-2020 के तहत यू-डायस प्लस पोर्टल पर बनाई जा रही अपार आईडी छात्रों के शैक्षणिक रिकॉर्ड को डिजिटल रूप से सुरक्षित रखने के लिए महत्वपूर्ण है। इसका उपयोग भविष्य में स्कूल बदलने, छात्रवृत्ति, बोर्ड परीक्षा समेत अन्य शैक्षणिक प्रक्रियाओं में किया जा सकेगा। बीएसए राहुल पंवार ने कहा कि 265 स्कूलों को अंतिम नोटिस दिया गया है। 10 अगस्त तक कार्य पूरा नहीं होने पर इन विद्यालयों की मान्यता रद्द करने की कार्रवाई की जाएगी।


