नोएडा।राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (एनजीटी) ने नोएडा और ग्रेटर नोएडा में अवैध वाशिंग सेंटरों में पानी की बर्बादी को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए उत्तर प्रदेश भू-जल विभाग और प्रदूषण नियंत्रण विभाग की रिपोर्ट पर नाराजगी जताई है। एनजीटी ने रिपोर्ट में कार्रवाई का अभाव और कम तथ्यों को देखते हुए अधिकारियों को चार सप्ताह में पूरी कम्प्लायंस रिपोर्ट जमा करने के निर्देश दिए हैं।
12 अक्टूबर 2026 को होगी मामले की अगली सुनवाई
एनजीटी ने अवैध कार वाशिंग सेंटरों के खिलाफ की गई कार्रवाई, जुर्माना और अन्य तथ्यों की विस्तृत जानकारी मांगी थी। मामले की अगली सुनवाई 12 अक्टूबर 2026 को निर्धारित की गई है। न्यायाधिकरण ने अधिकारियों से स्पष्ट और तथ्यात्मक रिपोर्ट पेश करने को कहा है।
गौतमबुद्ध नगर में मिले 193 अवैध कार वाशिंग सेंटर
एनजीटी के निर्देश के बाद भू-जल विभाग ने 16 मार्च को रिपोर्ट दाखिल की थी। रिपोर्ट के अनुसार गौतमबुद्ध नगर में कुल 193 कार वाशिंग सेंटरों की पहचान की गई थी। इनमें से 55 सेंटर औद्योगिक क्षेत्रों में संचालित पाए गए, जबकि 138 सेंटर गैर-औद्योगिक क्षेत्रों में चल रहे थे।
पानी की बर्बादी रोकने के लिए कार्रवाई का मांगा ब्योरा
मामले में एनजीटी ने अधिकारियों से यह जानकारी मांगी थी कि अवैध वाशिंग सेंटरों पर क्या कार्रवाई की गई और कितने सेंटरों पर जुर्माना लगाया गया। रिपोर्ट में पर्याप्त कार्रवाई का उल्लेख नहीं मिलने पर एनजीटी ने विभागों को पूरी जानकारी के साथ अनुपालन रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं।


