नोएडा प्राधिकरण में जमीन अधिग्रहण के दौरान अतिरिक्त मुआवजा दिए जाने के कथित घोटाले की जांच अब राज्य विजिलेंस ब्यूरो करेगी। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में विशेष जांच दल (एसआईटी) को जांच से मुक्त करते हुए विजिलेंस को जांच की जिम्मेदारी सौंप दी है।
तीन महीने में पूरी करनी होगी जांच
सुप्रीम कोर्ट ने राज्य विजिलेंस ब्यूरो को निर्देश दिया है कि वह मामले की जांच तीन महीने के भीतर पूरी कर अपनी रिपोर्ट अदालत में प्रस्तुत करे। अदालत के इस आदेश के बाद जांच प्रक्रिया को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
अतिरिक्त मुआवजे के भुगतान का मामला
यह मामला नोएडा प्राधिकरण में जमीन अधिग्रहण के दौरान किसानों को निर्धारित राशि से अधिक मुआवजा दिए जाने के आरोपों से जुड़ा है। इसी कथित अनियमितता की जांच अब विजिलेंस ब्यूरो द्वारा की जाएगी।
जांच की जिम्मेदारी बदली
अब तक इस मामले की जांच विशेष जांच दल (एसआईटी) कर रही थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के ताजा आदेश के बाद एसआईटी को जांच से मुक्त कर दिया गया है। अब विजिलेंस ब्यूरो तय समयसीमा के भीतर पूरे मामले की जांच कर अपनी रिपोर्ट सौंपेगा।


