स्वर्ण जीतकर जर्मनी का टिकट पक्का, अब आर्थिक तंगी से जूझ रहा ग्रेटर नोएडा का कुनाल

 ग्रेटर नोएडा। दनकौर क्षेत्र के डाकवाला गांव निवासी पावरलिफ्टर कुनाल नागर ने राष्ट्रीय स्तर पर स्वर्ण पदक जीतकर जिले और प्रदेश का नाम रोशन किया है। शानदार प्रदर्शन के आधार पर उनका चयन 19 से 25 जुलाई तक जर्मनी में होने वाले वर्ल्ड गेम्स और आगामी एशियन गेम्स के लिए हुआ है। हालांकि, अब देश के लिए पदक जीतने का उनका सपना आर्थिक चुनौतियों से जूझ रहा है।

 619 किलोग्राम वजन उठाकर जीता स्वर्ण पदक

तेलंगाना के हैदराबाद स्थित गाचीबोवली स्टेडियम में 23 से 28 जून तक आयोजित राष्ट्रीय सब-जूनियर एवं जूनियर इक्विप्ड पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप में कुनाल ने 74 किलोग्राम भार वर्ग में कुल 619 किलोग्राम वजन उठाकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इसी शानदार प्रदर्शन के आधार पर उन्हें अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिला है।

 महंगी किट और प्रशिक्षण का खर्च बना सबसे बड़ी चुनौती

कुनाल ने बताया कि वह एक किसान परिवार से हैं। उनके पिता बालेश्वर नागर खेती कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। सीमित आय के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर की तैयारी के लिए आवश्यक इक्विप्ड किट, बेल्ट, विशेष जूते, रिस्ट रैप, नी स्लीव और अन्य उपकरणों का खर्च जुटाना बेहद कठिन हो गया है। इन उपकरणों की कीमत लाखों रुपये तक पहुंच जाती है।

 मदद की उम्मीद, तिरंगा बुलंद करने का संकल्प

कुनाल का कहना है कि अब तक उन्हें सरकारी स्तर पर अपेक्षित आर्थिक सहायता नहीं मिल सकी है। आर्थिक तंगी के बावजूद वह रोजाना कई घंटे अभ्यास कर रहे हैं। निजी कोच की सुविधा न होने से तकनीकी तैयारी भी स्वयं कर रहे हैं। उनका लक्ष्य अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत के लिए स्वर्ण पदक जीतकर तिरंगा बुलंद करना है और इसके लिए वे समाज, खेल संस्थाओं तथा सरकार से सहयोग की उम्मीद लगाए हुए हैं।

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