नोएडा। निशानेबाजी अब केवल युवाओं तक सीमित खेल नहीं रह गई है। नोएडा की कई महिलाएं परिवार, नौकरी और बच्चों की जिम्मेदारियों के साथ शूटिंग रेंज में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं। उन्होंने यह साबित किया है कि सपनों को साकार करने के लिए उम्र नहीं, बल्कि दृढ़ इच्छाशक्ति और निरंतर मेहनत की आवश्यकता होती है।
एक साल में राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचीं प्रांजलि वार्ष्णेय
38 वर्षीय प्रांजलि वार्ष्णेय ने दिसंबर 2023 में सेक्टर-72 स्थित एक्ससीईएल शूटिंग अकादमी में कोच निखिल चौधरी के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण शुरू किया। महज एक वर्ष के भीतर उन्होंने प्री-स्टेट, स्टेट और प्री-नेशनल शूटिंग चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतकर अपनी प्रतिभा साबित की। वर्तमान में 10 मीटर एयर पिस्टल सीनियर महिला वर्ग में उनकी ऑल इंडिया रैंकिंग-19 है।
पेशे और परिवार के साथ ओलंपिक का सपना
पेशे से अर्बन डिजाइन कंसलटेंट प्रांजलि अपनी छह वर्षीय बेटी की परवरिश और पेशेवर जिम्मेदारियों के साथ शूटिंग का अभ्यास जारी रखे हुए हैं। उनका लक्ष्य भविष्य में ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व करना और देश के लिए पदक जीतना है।
स नौकरी छूटने के बाद शुरू की शूटिंग, राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचीं प्रियंका
46 वर्षीय प्रियंका शर्मा ने कोविड-19 के दौरान नौकरी छूटने के बाद अपने बेटे के साथ निशानेबाजी शुरू की। चार वर्षों के अभ्यास में उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर मास्टर वर्ग में ऑल इंडिया नौवीं रैंक हासिल की और भारतीय टीम के चयन ट्रायल तक पहुंचीं। उनका मानना है कि निशानेबाजी में सफलता के लिए मानसिक संतुलन, धैर्य और एकाग्रता सबसे महत्वपूर्ण होते हैं।


