ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने शहर की जलापूर्ति व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा फैसला लिया है। अब शहर में नई ओवरहेड पानी की टंकियों का निर्माण नहीं किया जाएगा। उनकी जगह अंडरग्राउंड वाटर रिजर्वायर (यूजीआर) विकसित किए जाएंगे। वर्तमान में शहर में 39 ओवरहेड टंकियों और 19 यूजीआर के माध्यम से जलापूर्ति की जा रही है, लेकिन भविष्य में पूरी व्यवस्था यूजीआर आधारित होगी।
यूजीआर से बढ़ेगी सुरक्षा , टिकाऊपन
प्राधिकरण के अनुसार ओवरहेड टंकियां ऊंचाई पर होने के कारण तेज हवा, भूकंप या अन्य हादसों के दौरान जोखिम की आशंका रहती है। इसके विपरीत यूजीआर जमीन के नीचे बनाए जाते हैं, जिससे वे प्राकृतिक आपदाओं के दौरान अधिक सुरक्षित रहते हैं। साथ ही इनका जीवनकाल भी अधिक होता है और रखरखाव की आवश्यकता अपेक्षाकृत कम पड़ती है।
पानी की गुणवत्ता रहेगी बेहतर
भूमिगत होने के कारण यूजीआर पर बाहरी मौसम का सीधा असर नहीं पड़ता। इससे पानी का तापमान और गुणवत्ता बेहतर बनी रहती है। धूप, धूल और अन्य पर्यावरणीय प्रभावों से पानी सुरक्षित रहता है, जिससे उपभोक्ताओं को स्वच्छ जल उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
बिजली की खपत में होगी कमी
ओवरहेड टंकियों तक पानी पहुंचाने के लिए उसे नीचे से ऊंचाई तक पंप करना पड़ता है, जिससे बिजली की अधिक खपत होती है। वहीं यूजीआर जमीन के स्तर पर या उसके नीचे बनाए जाते हैं, इसलिए पानी भरने में कम ऊर्जा खर्च होगी। इससे बिजली की बचत के साथ जलापूर्ति व्यवस्था अधिक किफायती और ऊर्जा दक्ष बन सकेगी।


