नोएडा/गाजियाबाद। अक्सर कहा जाता है कि बेटियां परिवार की शान होती हैं, लेकिन गाजियाबाद की दो बेटियों ने इस कहावत को हकीकत में बदल दिया। जब पिता की जिंदगी पर संकट आया तो दोनों बेटियां उनके लिए ढाल बनकर खड़ी हो गईं। एक बेटी ने अपनी किडनी और दूसरी ने अपने लीवर का हिस्सा दान कर पिता को नया जीवन दे दिया। इस अद्भुत त्याग और समर्पण की कहानी सुनकर हर कोई भावुक हो रहा है।
डॉक्टरों की बात सुनकर परिवार के उड़ गए होश
गाजियाबाद के मोरटा निवासी जयंत त्यागी पिछले कई महीनों से गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे थे। जांच में सामने आया कि उनकी दोनों किडनी और लीवर गंभीर रूप से प्रभावित हो चुके हैं। डॉक्टरों ने साफ कहा कि उनकी जान बचाने के लिए जल्द से जल्द ट्रांसप्लांट जरूरी है। यह सुनते ही पूरे परिवार पर मानो दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। सबसे बड़ी चुनौती उपयुक्त डोनर खोजने की थी।
‘पापा हैं तो सब कुछ हैं’, बेटियों ने लिया जीवन का सबसे बड़ा फैसला
जब परिवार डोनर की तलाश में परेशान था, तब 22 वर्षीय रिषिका और 19 वर्षीय खुशी ने ऐसा फैसला लिया जिसने सभी को गर्व से भर दिया। बीटेक की पढ़ाई कर रही रिषिका ने अपनी एक किडनी दान करने का निर्णय लिया, जबकि छोटी बेटी खुशी ने अपने लीवर का हिस्सा देने की हामी भर दी। दोनों बेटियों का कहना था कि “पापा हैं तो हमारी दुनिया है, उनके लिए यह त्याग कोई बड़ी बात नहीं है।”
शादी तय होने के बावजूद नहीं डगमगाई रिषिका
रिषिका की कुछ महीनों बाद शादी होने वाली है और उनकी सगाई भी हो चुकी है। परिवार को चिंता थी कि कहीं इस फैसले का उनके वैवाहिक जीवन पर असर न पड़े। लेकिन जब होने वाले ससुराल पक्ष को इसकी जानकारी मिली तो उन्होंने भी रिषिका के निर्णय का पूरा समर्थन किया। उन्होंने कहा कि ऐसी संस्कारी और साहसी बेटी पर हर परिवार को गर्व होना चाहिए।
सफल ट्रांसप्लांट के बाद अस्पताल में दुआओं का तांता
15 जून को नोएडा के सेक्टर-62 स्थित एक निजी अस्पताल में दोनों बेटियों की मदद से जयंत त्यागी का सफल किडनी और लीवर ट्रांसप्लांट किया गया। फिलहाल पिता और दोनों बेटियां आईसीयू में डॉक्टरों की निगरानी में हैं। अस्पताल में रिश्तेदारों, मित्रों और शुभचिंतकों का लगातार आना-जाना लगा हुआ है। सोशल मीडिया पर भी लोग दोनों बेटियों की सराहना करते हुए उन्हें त्याग, प्रेम और समर्पण की मिसाल बता रहे हैं।


