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नोएडा एक्सप्रेसवे पर जली बस पर पहले भी लगे थे कई चालान, फिर भी नहीं हुई सख्त कार्रवाई

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नोएडा। नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर मंगलवार को आग लगने वाली बस के खिलाफ पहले भी परमिट उल्लंघन और ओवरलोडिंग के मामले में कई बार चालान काटे जा चुके हैं। वर्ष 2026 में ही बस के परमिट उल्लंघन के तीन चालान हुए हैं। इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों की कार्रवाई सिर्फ चालान काटने तक ही सीमित रही। परमिट निरस्त करने या वाहन सीज करने की कार्रवाई नहीं की गई।

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नियमों के तहत परमिट निरस्त करने का है प्रावधान

नियमों के अनुसार, वाहन संचालक की ओर से लगातार लापरवाही और परमिट शर्तों का उल्लंघन किए जाने पर मोटर वाहन अधिनियम की धारा 86 के तहत परमिट निरस्त करने की कार्रवाई की जा सकती है। इसके बाद भी नियमों का उल्लंघन जारी रहने पर वाहन को सीज करने का प्रावधान है। ऐसे में लगातार उल्लंघन के बावजूद बस के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं होने पर सवाल उठ रहे हैं।

ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट पर चल रही थी बस

नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर मंगलवार को आग लगने वाली बस के संचालक ने ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट लिया हुआ था। इस परमिट के तहत पर्यटक वाहनों को देशभर में संचालित करने की अनुमति होती है। केंद्र सरकार के वर्ष 2023 के ऑल इंडिया टूरिस्ट व्हीकल्स परमिट नियमों का उद्देश्य वैध परमिट वाले पर्यटक वाहनों का देशभर में निर्बाध संचालन सुनिश्चित करना है। हालांकि, इस परमिट के तहत वाहन में माल लादकर ले जाने की अनुमति नहीं है।

ओवरलोडिंग और परमिट उल्लंघन के कई चालान

रिकॉर्ड के अनुसार बस के खिलाफ ओवरलोडिंग और परमिट उल्लंघन के कई मामलों में चालान काटे गए। सात सितंबर को ओवरलोडिंग के मामले में 31 हजार रुपये का चालान हुआ। इससे पहले 22 जुलाई को 17,500 रुपये का चालान काटा गया था। जून में परमिट उल्लंघन के आरोप में दो बार चालान हुआ, जबकि मार्च में भी परमिट उल्लंघन के मामले में 12,500 रुपये का चालान काटा गया था। इससे पहले 15 मई 2025 को ओवरलोडिंग के आरोप में 35 हजार रुपये का चालान किया गया था।

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