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नोएडा के ईएसआईसी अस्पताल में जन्म प्रमाण पत्र जारी करने में फर्जीवाड़े का आरोप

नोएडा। भारतीय नागरिकता के लिए महत्वपूर्ण दस्तावेज जन्म प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया में सेक्टर-24 स्थित ईएसआईसी अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही और फर्जीवाड़े का आरोप लगा है। आरोप है कि दो महीने पहले पद से हटाए गए रजिस्ट्रार के डिजिटल हस्ताक्षर का इस्तेमाल कर शुक्रवार को एक नवजात का जन्म प्रमाण पत्र जारी कर दिया गया।

बिना ओटीपी के डिजिटल हस्ताक्षर इस्तेमाल करने का आरोप

पूर्व रजिस्ट्रार के मुताबिक, जन्म प्रमाण पत्र जारी करने के लिए उनके डिजिटल हस्ताक्षर का इस्तेमाल किया गया, जबकि वह करीब दो महीने पहले ही पद से हट चुके हैं। उनका आरोप है कि प्रमाण पत्र जारी करने के दौरान उनसे किसी तरह का ओटीपी भी नहीं पूछा गया। इससे अस्पताल की ऑनलाइन व्यवस्था और डिजिटल हस्ताक्षर की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो गए हैं।

छिजारसी के पते पर जारी हुआ प्रमाण पत्र

मामला उन्नाव के ग्राम पिडना निवासी प्रीति सिंह से जुड़ा है। प्रीति ने एक जुलाई 2026 को सेक्टर-24 स्थित ईएसआईसी अस्पताल में नवजात शिशु को जन्म दिया था। डिलीवरी के बाद उनके पति राकेश सिंह पत्नी और बच्चे को घर ले गए थे। अस्पताल में जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के लिए आवश्यक दस्तावेज जमा किए गए थे।

21 अगस्त को प्रमाण पत्र देने का मिला था आश्वासन

परिजनों के अनुसार, अस्पताल प्रबंधन ने जन्म प्रमाण पत्र 21 अगस्त को उपलब्ध कराने की बात कही थी। निर्धारित समय पर जब प्रमाण पत्र जारी हुआ तो उसमें सेक्टर-63 स्थित छिजारसी का पता दर्ज मिला। प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया में पूर्व रजिस्ट्रार के डिजिटल हस्ताक्षर के इस्तेमाल की जानकारी सामने आने के बाद मामला गंभीर हो गया।

 

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