नोएडा। प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) कृष्णा करुणेश की अध्यक्षता में सोमवार को भारतीय किसान परिषद के प्रतिनिधियों के साथ बैठक हुई। बैठक में किसानों की लंबित मांगों और उनसे जुड़े मामलों पर विस्तार से चर्चा की गई। प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से लिए गए निर्णयों के बाद किसानों में समस्याओं के समाधान की उम्मीद जगी है।
पांच प्रतिशत भूखंड आवंटन को मिली गति
भारतीय किसान परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुखबीर खलीफा ने बताया कि वर्ष 2023 तक के लंबित पांच प्रतिशत विकसित भूखंडों का आवंटन अब सेक्टर-146 में किया जाएगा। नए आवंटनों के लिए सभी वर्क सर्किलों से रिपोर्ट मांगी गई है। प्राधिकरण ने एक माह के भीतर आवंटन पत्र जारी करने का भरोसा दिया है। साथ ही भूलेख विभाग में लंबित मामलों को भी एक महीने में नियोजन विभाग को भेजने का निर्णय लिया गया है।
मुआवजा और वेंडिंग जोन पर भी राहत
बैठक में मूल काश्तकारों को वेंडिंग जोन में आरक्षण देने की योजना पर सहमति बनी। वहीं, 100 प्रतिशत मुआवजा ले चुके किसानों के लिए 10 प्रतिशत मुआवजा वापस जमा कर पांच प्रतिशत विकसित भूखंड देने का प्रस्ताव अगली बोर्ड बैठक में रखने का निर्णय लिया गया। इसके अलावा मुआवजे की दर में 10 हजार रुपये प्रति वर्ग मीटर की बढ़ोतरी और अतिरिक्त पांच प्रतिशत के एवज में मिलने वाली राशि को 22 हजार से बढ़ाकर 45 हजार रुपये प्रति वर्ग मीटर करने का फैसला भी लिया गया।
किसानों ने फैसलों का किया स्वागत
बैठक में मूल काश्तकार की परिभाषा का दायरा बढ़ाते हुए गौतमबुद्ध नगर के निवासियों को भी मूल काश्तकार मानकर पांच प्रतिशत विकसित भूखंड देने पर सहमति बनी। परिषद का कहना है कि ये फैसले न केवल वर्षों से लंबित समस्याओं के समाधान की दिशा में अहम कदम हैं, बल्कि किसानों की आर्थिक स्थिति को भी मजबूत करेंगे। बैठक में सीईओ कृष्णा करुणेश, एसीईओ सतीश पाल और ओएसडी क्रांति शेखर सिंह समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे। किसानों ने लिए गए निर्णयों पर संतोष और खुशी जताई।


