नोेएडा: आरटीई के छात्रों का विवरण नहीं देने वाले निजी स्कूलों की फीस प्रतिपूर्ति रुकेगी

 

नोएडा: बेसिक शिक्षा विभाग ने शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम के तहत पढ़ने वाले छात्रों का विवरण उपलब्ध नहीं कराने वाले निजी स्कूलों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि जो स्कूल 10 जुलाई तक छात्रों की जानकारी बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) कार्यालय को उपलब्ध नहीं कराएंगे, उन्हें फीस प्रतिपूर्ति का लाभ नहीं दिया जाएगा। इस संबंध में सभी संबंधित स्कूलों को अंतिम नोटिस जारी कर दिया गया है।

सत्र 2025-26 के लिए शासन की ओर से आरटीई के तहत स्कूलों और छात्रों के लिए करीब 15 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। इसके बावजूद जिले के 350 से अधिक निजी स्कूलों में से अब तक केवल लगभग 100 स्कूलों ने ही छात्रों का विवरण विभाग को उपलब्ध कराया है। अधिकारियों का कहना है कि स्कूलों की इस लापरवाही के कारण पात्र छात्रों को समय पर योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है।

बेसिक शिक्षा अधिकारी राहुल पंवार ने बताया कि आरटीई के तहत निजी स्कूलों की 25 प्रतिशत आरक्षित सीटों पर पढ़ने वाले प्रत्येक छात्र के लिए लगभग 450 रुपये की फीस प्रतिपूर्ति दी जाती है। पहले स्कूलों को 10 जून तक जानकारी देने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन निर्धारित समयसीमा के बाद भी अधिकांश स्कूलों ने विवरण जमा नहीं कराया। अब 10 जुलाई को अंतिम तिथि निर्धारित की गई है।

आरटीई अधिनियम के तहत आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित वर्ग के बच्चों को निजी स्कूलों में 25 प्रतिशत सीटों पर निशुल्क शिक्षा का अधिकार प्राप्त है। चयनित छात्रों का प्रवेश और उनका विवरण समय पर अपडेट करना संबंधित स्कूलों की जिम्मेदारी है। विभाग का कहना है कि समयसीमा के भीतर जानकारी नहीं देने वाले स्कूल फीस प्रतिपूर्ति से वंचित रहेंगे, जिससे योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित किया जा सके।

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