नोएडा: 37 साल बाद भी अधूरा FNG एक्सप्रेसवे, नोएडा अथॉरिटी ने मांगी प्रगति रिपोर्ट

 

नोएडा, फरीदाबाद और गाजियाबाद के बीच बेहतर कनेक्टिविटी के उद्देश्य से वर्ष 1989 में शुरू की गई फरीदाबाद-नोएडा-गाजियाबाद (एफएनजी) ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे परियोजना 37 साल बाद भी अधूरी है। करीब 1,000 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाली इस 56 किलोमीटर लंबी परियोजना में नोएडा के हिस्से के 23 किलोमीटर मार्ग में से अब तक केवल 11.6 किलोमीटर का ही निर्माण पूरा हो सका है। इसके चलते दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे और नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे के बीच सीधी कनेक्टिविटी अब तक स्थापित नहीं हो पाई है।

परियोजना में हो रही देरी को गंभीरता से लेते हुए नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) कृष्णा करुणेश ने अधिकारियों से विस्तृत स्टेटस रिपोर्ट तलब की है। उनके निर्देश पर सेक्टर-63 स्थित छिजारसी से सेक्टर-168 तक यमुना नदी के किनारे प्रस्तावित एक्सप्रेसवे निर्माण में आ रही सभी बाधाओं की समीक्षा की जा रही है, ताकि शेष कार्य को जल्द पूरा करने की कार्ययोजना तैयार की जा सके।

एफएनजी एक्सप्रेसवे के कई महत्वपूर्ण हिस्सों का निर्माण अब भी अधूरा है। इनमें नोएडा-फरीदाबाद के बीच यमुना पर प्रस्तावित पुल, छिजारसी के पास 650 मीटर लंबा एलिवेटेड रोड, सर्विस रोड और मुख्य मार्ग का निर्माण शामिल है। इसके अलावा 5.665 किलोमीटर लंबे एक अन्य प्रस्तावित एलिवेटेड सेक्शन को अब सामान्य सड़क के रूप में विकसित करने के विकल्प पर भी विचार किया जा रहा है। हालांकि यह क्षेत्र डूब क्षेत्र में होने के कारण सिंचाई विभाग की मंजूरी आवश्यक है।

परियोजना में देरी की एक बड़ी वजह भूमि अधिग्रहण और विभागीय मंजूरियां भी हैं। सोरखा गांव के पास एक पुरानी संरचना से जुड़ा भूमि विवाद अदालत में लंबित है, जिससे निर्माण कार्य प्रभावित हो रहा है। वहीं, हिंडन नदी पर बनने वाले हिस्से के लिए सिंचाई विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) का इंतजार है। इन अड़चनों के दूर होने के बाद ही एफएनजी एक्सप्रेसवे के अधूरे हिस्से पर तेजी से काम शुरू हो सकेगा।

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