नोएडा। महाराष्ट्र की राजनीति में चल रहे सत्ता समीकरणों और दल-बदल की चर्चाओं के बीच नोएडा का नाम भी अचानक सुर्खियों में आ गया है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) के कुछ बागी सांसदों के संभावित ठहराव के लिए नोएडा के एक होटल को तैयार रखा गया था। हालांकि इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन चर्चाओं ने राजनीतिक हलकों में उत्सुकता बढ़ा दी है।
16 जून की रात को विशेष तैयारियों की चर्चा
सूत्रों के अनुसार, 16 जून की रात को नोएडा के एक प्रमुख होटल में विशेष इंतजाम किए गए थे। बताया जा रहा है कि महाराष्ट्र में तेजी से बदलते राजनीतिक घटनाक्रम को देखते हुए राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के कुछ स्थानों को संभावित ठहराव स्थल के रूप में चिन्हित किया गया था, जिनमें नोएडा भी शामिल था। इसी के चलते होटल प्रबंधन को वीआईपी मेहमानों के संभावित आगमन को लेकर सतर्क रहने के निर्देश दिए गए थे।
छह सांसदों के टूटने की अटकलों के बीच बढ़ी हलचल
महाराष्ट्र में शिवसेना (उद्धव गुट) के नौ लोकसभा सांसदों में से छह सांसदों के अलग होकर शिवसेना (शिंदे गुट) में शामिल होने की अटकलें तेज हैं। इसी बीच इन सांसदों को केंद्र सरकार की ओर से वाई श्रेणी की सुरक्षा मिलने की खबरों ने राजनीतिक चर्चाओं को और हवा दे दी। माना जा रहा है कि सुरक्षा और गोपनीयता के मद्देनजर दिल्ली-एनसीआर के विभिन्न स्थानों को विकल्प के रूप में देखा गया था।
आधिकारिक पुष्टि नहीं, लेकिन चर्चाओं का बाजार गर्म
होटल प्रबंधन और किसी भी राजनीतिक दल की ओर से इस पूरे मामले पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। बावजूद इसके, दिनभर नोएडा के राजनीतिक और सामाजिक हलकों में इस संभावित घटनाक्रम को लेकर चर्चा होती रही। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि इन चर्चाओं में सच्चाई है, तो महाराष्ट्र की सियासत का असर अब दिल्ली-एनसीआर तक महसूस किया जा रहा है।


