नोएडा। लंबे इंतजार के बाद नोएडा अथॉरिटी ने लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) का शेड्यूल ऑफ रेट (एसओआर)-2025 लागू कर दिया है। अब अथॉरिटी के सभी नए प्रोजेक्ट और विकास कार्यों का एस्टिमेट नए रेट के आधार पर तैयार किया जाएगा। इससे सड़कों, नालों, भवनों, पार्कों, ड्रेनेज, सीवर, फुटपाथ और अन्य विकास परियोजनाओं की लागत में औसतन 5 से 10 प्रतिशत तक बढ़ोतरी होने की संभावना है।
महंगाई के बीच पुराना एसओआर बना हुआ था बाधा
इससे पहले अथॉरिटी में वर्ष 2021 का एसओआर लागू था। पिछले कुछ वर्षों में सीमेंट, सरिया, बिटुमेन, गिट्टी, रेत, ईंट, पाइप, केबल, श्रमिकों की मजदूरी और मशीनरी संचालन की लागत में लगातार वृद्धि हुई। इसके बावजूद अथॉरिटी पुराने एसओआर के आधार पर ही कार्यों का अनुमान तैयार कर रही थी। निर्माण एजेंसियां और ठेकेदार लंबे समय से नए रेट लागू करने की मांग कर रहे थे।
पुराने रेट से प्रभावित हुई टेंडर प्रक्रिया
एसओआर-2021 के आधार पर ही निविदाएं जारी होने के कारण कम दरों पर कई निर्माण कंपनियां टेंडर प्रक्रिया में हिस्सा लेने से बच रही थीं। इसका नतीजा यह रहा कि कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं में बार-बार री-टेंडर करना पड़ा, लेकिन अपेक्षित संख्या में आवेदन नहीं मिले। इससे कई विकास कार्यों में देरी हुई।
एसओआर में तय होती हैं निर्माण सामग्री की मानक दरें
एसओआर में सीमेंट, टीएमटी सरिया, ईंट एवं फ्लाई ऐश ईंट, रेत, गिट्टी, एग्रीगेट, बिटुमेन (डामर), रेडी मिक्स कंक्रीट, सीसी एवं आरसीसी कार्य, इंटरलॉकिंग टाइल्स, पेवर ब्लॉक, सीवर एवं ड्रेनेज पाइप, पानी की पाइपलाइन सामग्री, विद्युत केबल, वायरिंग, स्ट्रीट लाइट पोल, एलईडी लाइट और जेसीबी जैसी मशीनों सहित विभिन्न निर्माण कार्यों की मानक दरें निर्धारित की जाती हैं।
पारदर्शिता और विकास कार्यों को मिलेगा बढ़ावा
जानकारों के अनुसार, एसओआर केवल सामग्री के रेट तय करने तक सीमित नहीं होता, बल्कि प्रत्येक निर्माण गतिविधि की मानक लागत भी निर्धारित करता है। इससे विभिन्न विभागों में लागत का एकरूप निर्धारण होता है और भुगतान प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनती है। नोएडा अथॉरिटी के लिए एसओआर-2025 का लागू होना इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि शहर में सड़क निर्माण, सेक्टर विकास, ड्रेनेज नेटवर्क, भवन निर्माण, पार्कों के विकास और अन्य आधारभूत ढांचा परियोजनाओं पर बड़े पैमाने पर काम चल रहा है।


