Noida News: नोएडा में ब्लू लाइन के सेक्टर-52 और एक्वा लाइन के सेक्टर-51 मेट्रो स्टेशन को जोड़ने वाला बहुप्रतीक्षित स्काईवॉक प्रोजेक्ट एक बार फिर देरी का शिकार हो गया है। नोएडा प्राधिकरण ने अब 25 जून तक काम पूरा कराने की नई डेडलाइन तय की है। यह इस परियोजना की 10वीं समय सीमा है।
काम में देरी पर जीएम ने जताई नाराजगी
मंगलवार को हुई समीक्षा बैठक में प्राधिकरण के जीएम एस.पी. सिंह ने निर्माण कार्य की धीमी रफ्तार पर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने साफ चेतावनी दी कि यदि 25 जून तक स्काईवॉक संचालन के लिए तैयार नहीं हुआ तो निर्माण एजेंसी और जिम्मेदार इंजीनियरों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
दो साल बाद भी अधूरा प्रोजेक्ट
जून 2023 में इस परियोजना की शुरुआत के समय दावा किया गया था कि पांच महीने में स्काईवॉक बनकर तैयार हो जाएगा, लेकिन लगातार तकनीकी बदलाव और देरी के चलते अब तक नौ डेडलाइन निकल चुकी हैं।
सेक्टर-51 स्टेशन पर डिजाइन में बदलाव
प्राधिकरण के अनुसार, सेक्टर-51 मेट्रो स्टेशन पर स्काईवॉक को जोड़ने में स्टेशन बिल्डिंग की बीम बाधा बन रही थी। अब बीम हटाने के बजाय स्काईवॉक को दाहिनी ओर मोड़कर फिर बाईं ओर से स्टेशन से जोड़ा जाएगा।
सेक्टर-52 स्टेशन पर भी बदला प्लान
पहले स्काईवॉक को सेक्टर-52 मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर-2 से जोड़ने की योजना थी, लेकिन कॉरिडोर संकरा होने के कारण अब इसे आगे बढ़ाकर गेट नंबर-3 के लिए बने फुटओवर ब्रिज (एफओबी) से जोड़ा जाएगा।
लागत बढ़कर पहुंची 33.50 करोड़
लगातार देरी और डिजाइन बदलावों के कारण परियोजना की लागत बढ़कर 33.50 करोड़ रुपये हो गई है। अब नोएडा के यात्रियों को उम्मीद है कि इस बार तय समय सीमा में स्काईवॉक का काम पूरा होगा और उन्हें सेक्टर-51 और 52 मेट्रो स्टेशनों के बीच बेहतर कनेक्टिविटी मिल सकेगी।






