
ग्रेटर नोएडा। यमुना प्राधिकरण के विकसित हो रहे शहर में बुनियादी ढांचे के विकास और मरम्मत के लिए फंड की कमी बाधा नहीं बनेगी। प्राधिकरण ने भविष्य की जरूरतों को देखते हुए यीडा कारपस फंड इन्वेस्टमेंट रेगुलेशन 2026-27 तैयार किया है, जिसे चेयरमैन आलोक कुमार की अध्यक्षता में हुई यीडा बोर्ड की 93वीं बैठक में मंजूरी दी गई। इसके तहत वन टाइम लीज रेंट और आवंटियों से मिलने वाली विभिन्न मदों की राशि को कारपस फंड में रखा जाएगा और सुरक्षित निवेश किया जाएगा।
ब्याज से सड़क, पानी और सीवरेज व्यवस्था का होगा रखरखाव
कारपस फंड में सुरक्षित निवेश से मिलने वाली ब्याज राशि का इस्तेमाल यीडा क्षेत्र में सड़कों, जलापूर्ति, सीवरेज एवं ड्रेनेज, स्ट्रीट लाइट, पार्क, ग्रीन बेल्ट और अन्य बुनियादी ढांचे के रखरखाव व मरम्मत कार्यों में किया जाएगा। बोर्ड बैठक में विभिन्न प्रस्तावों पर चर्चा हुई। बैठक में यीडा सीईओ राकेश कुमार सिंह, एसीईओ मनीष मीणा, शैलेंद्र भाटिया, राजेश कुमार सिंह, नितिन मदान समेत ग्रेटर नोएडा और नोएडा प्राधिकरण के अधिकारी मौजूद रहे।
लॉजिस्टिक पार्क के भूखंड अब नीलामी से होंगे आवंटित
यीडा ने लॉजिस्टिक श्रेणी के भूखंड आवंटन की नीति तय कर दी है। औद्योगिक श्रेणी की तरह लॉजिस्टिक श्रेणी में भी उत्तर प्रदेश मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक पार्क पॉलिसी-2024 के तहत नीलामी से भूखंडों का आवंटन किया जाएगा। अभी तक नीति स्पष्ट नहीं होने के कारण लॉजिस्टिक और वेयरहाउसिंग से जुड़े प्रस्तावों पर निर्णय लेने में अड़चन आ रही थी। नई नीति से इस श्रेणी में भूखंड योजनाएं जारी करने का रास्ता साफ होगा।
8,000 हेक्टेयर में औद्योगिक गलियारा विकसित करने की तैयारी
यीडा के फेज-1 और फेज-2 के बीच करीब 8,000 हेक्टेयर क्षेत्र में नया औद्योगिक गलियारा विकसित करने के लिए मास्टर प्लान तैयार कराया जाएगा। इसके लिए तीन कंपनियों ने आवेदन किया है। इसके अलावा चीन के यीवू इंटरनेशनल ट्रेड सिटी की तर्ज पर यीडा क्षेत्र में इंटरनेशनल ट्रेड सिटी विकसित करने की योजना की जानकारी भी बोर्ड को दी गई। वहीं, आगरा अर्बन सेंटर महायोजना-2041 के लिए लोगों से मिले सुझावों और आपत्तियों के आधार पर संशोधित ड्राफ्ट मास्टर प्लान तैयार करने के निर्देश दिए गए।



