ग्रेटर नोएडा के 44 गांवों के किसानों का चार प्रतिशत अतिरिक्त आबादी भूखंड का मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। किसानों का आरोप है कि ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने छह जुलाई को सीईओ के साथ वार्ता कराने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक इस मुद्दे को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। इससे किसानों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि छह जुलाई को होने वाली बैठक में उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो 44 गांवों के किसान चौधरी प्रकाश प्रधान और विनोद कुमार वर्मा के नेतृत्व में पैदल कूच करेंगे। उनका कहना है कि वर्षों से लंबित इस मुद्दे का जल्द समाधान होना चाहिए।
चौधरी प्रकाश प्रधान ने बताया कि अतिरिक्त आबादी भूखंड की मांग को लेकर पहले लखनऊ कूच का कार्यक्रम तय किया गया था। हालांकि, पुलिस प्रशासन के आश्वासन के बाद किसानों ने आंदोलन को फिलहाल स्थगित कर दिया था और वार्ता के जरिए समाधान की उम्मीद जताई थी।
किसानों के अनुसार, लखनऊ कूच की सूचना पहले ही ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ), जिलाधिकारी और पुलिस आयुक्त को दे दी गई थी। अब किसानों की नजर छह जुलाई की बैठक पर टिकी है। उनका कहना है कि यदि वार्ता बेनतीजा रही, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।


