नोएडा। शहर को स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने 4.10 करोड़ रुपये का टेंडर जारी किया है। इस राशि से एक सीएनजी संचालित माउंटेड मैकेनिकल रोड स्वीपिंग मशीन और चार सीएनजी संचालित एंटी-स्माग गन खरीदी जाएंगी। रोड स्वीपिंग मशीन और उसके एक वर्ष के संचालन-रखरखाव पर 1.70 करोड़ रुपये तथा एंटी-स्माग गन पर 2.40 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
मशीनीकृत सफाई से बढ़ेगी कार्यक्षमता
सीएनजी संचालित मैकेनिकल रोड स्वीपिंग मशीन पारंपरिक मैनुअल सफाई की तुलना में तीन गुना अधिक क्षेत्र को कम समय में साफ कर सकेगी। यह मशीन सड़क की धूल, कचरा और पत्तों को एक साथ एकत्र कर डंपिंग साइट तक पहुंचाएगी। इससे सड़कों की सफाई बेहतर होगी और सफाई कार्य के दौरान लगने वाले जाम की समस्या भी कम होगी।
एंटी-स्माग गन से प्रदूषण होगा नियंत्रित
प्राधिकरण के अनुसार एंटी-स्माग गन हवा में मौजूद पीएम 2.5 और पीएम 10 कणों को पानी की बारीक फुहार के जरिए जमीन पर बैठाने का काम करेगी। इससे खासकर सर्दियों में धुंध, निर्माण कार्यों से उड़ने वाली धूल और वाहनों से होने वाले प्रदूषण को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी। आधुनिक उपकरणों के उपयोग से शहर के वायु प्रदूषण स्तर में कमी लाने का लक्ष्य रखा गया है।
ग्रीन और क्लीन सिटी बनाने की दिशा में कदम
दोनों मशीनें सीएनजी से संचालित होंगी, जिससे डीजल वाहनों की तुलना में 20 से 25 प्रतिशत तक कार्बन उत्सर्जन कम होगा और शोर भी घटेगा। नियमित मशीनीकृत सफाई से धूल उड़ने की समस्या कम होगी, जिससे अस्थमा और एलर्जी जैसी बीमारियों के जोखिम में भी कमी आएगी। साथ ही सफाई कर्मचारियों पर कार्यभार कम होगा और वे अन्य आवश्यक सफाई कार्यों पर ध्यान दे सकेंगे। प्राधिकरण का मानना है कि ये आधुनिक उपकरण ग्रेटर नोएडा को ग्रीन, क्लीन और स्मार्ट सिटी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।


