[gtranslate]
[gtranslate]

नोएडा रियल एस्टेट कंपनी के प्रमोटर की जमानत याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने ईडी से मांगा जवाब

विज्ञापन

नोएडा।नोएडा सुप्रीम कोर्ट ने नोएडा की एक रियल एस्टेट कंपनी के मुख्य प्रमोटर अनिल मित्थास की जमानत याचिका पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) से जवाब मांगा है। यह मामला घर खरीदारों से जुटाई गई 126.30 करोड़ रुपये की कथित रकम के गबन और उससे जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों से संबंधित है। प्रमोटर ने इस मामले में जमानत देने से इनकार करने के इलाहाबाद हाई कोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है।

विज्ञापन

 मुख्य न्यायाधीश की पीठ ने जारी किया नोटिस

भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जायमाल्य बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने सोमवार को अनिल मित्थास की याचिका पर सुनवाई करते हुए ईडी को नोटिस जारी किया। अदालत ने एजेंसी से मामले में अपना पक्ष रखने को कहा है। अब इस मामले में ईडी के जवाब के आधार पर आगे की सुनवाई होगी।

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने खारिज की थी जमानत याचिका

अनिल मित्थास की जमानत याचिका को इलाहाबाद हाई कोर्ट ने 16 सितंबर को खारिज कर दिया था। इसके बाद उन्होंने हाई कोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी। मित्थास पर घर खरीदारों से जुटाई गई रकम के कथित गबन और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े आरोप हैं। सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर उन्होंने मामले में जमानत देने की मांग की है।

सफेदपोश अपराधों पर हाई कोर्ट ने जताई थी चिंता

जमानत याचिका खारिज करते हुए हाई कोर्ट ने सफेदपोश अपराधों की गंभीरता पर टिप्पणी की थी। अदालत ने कहा था कि कॉरपोरेट धोखाधड़ी, गबन, भेदिया कारोबार और बड़े पैमाने पर वित्तीय छल से लोगों की बचत, पेंशन और आजीविका को भारी नुकसान पहुंच सकता है। हाई कोर्ट के अनुसार, ऐसे अपराधों से निपटने के लिए सख्त और प्रभावी प्रवर्तन जरूरी है। अब सुप्रीम कोर्ट में इस मामले की सुनवाई के दौरान ईडी का पक्ष महत्वपूर्ण होगा।

विज्ञापन बॉक्स (विज्ञापन देने के लिए संपर्क करें)

इसे भी पढे ----

वोट जरूर करें

नोएडा से 2027 विधानसभा चुनाव कौन जीतेगा?

View Results

Loading ...

आज का राशिफल देखें