नोेएडा।अंतरराष्ट्रीय मैथिली परिषद के अध्यक्ष शैलेन्द्र मिश्रा ने भारत सरकार के रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ से मुलाकात की। इस दौरान मिथिला क्षेत्र में रक्षा और एयरोस्पेस क्षेत्र से जुड़े नए नवप्रवर्तकों और उद्यमियों को प्रोत्साहित करने सहित कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से बातचीत हुई। तकनीकी विकास को बढ़ावा देने के लिए क्षेत्र के युवाओं और प्रतिभाओं को इन क्षेत्रों से जोड़ने पर जोर दिया गया।
स्टार्टअप और एमएसएमई को वित्तीय सहायता देने की मांग
शैलेन्द्र मिश्रा ने रक्षा से जुड़ी नवीन और स्वदेशी तकनीकों के विकास के लिए स्टार्टअप्स और एमएसएमई को वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने की आवश्यकता बताई। उन्होंने रक्षा उत्पादन के लिए देश में अत्याधुनिक परीक्षण बुनियादी ढांचा तैयार करने तथा स्थानीय स्तर पर तकनीकी क्षमताओं को मजबूत करने का मुद्दा भी उठाया।
रक्षा उपकरणों और आईटी क्षेत्र में आत्मनिर्भरता पर जोर
मुलाकात के दौरान रक्षा उपकरणों, सूचना प्रौद्योगिकी प्रणालियों और सॉफ्टवेयर के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता हासिल करने की दिशा में चल रही पहलों की समीक्षा और प्रभावी क्रियान्वयन पर भी चर्चा हुई। मिथिला क्षेत्र के प्रतिभाशाली युवाओं और उद्यमियों को इन अवसरों से जोड़कर रोजगार और तकनीकी विकास को बढ़ावा देने की बात कही गई।
बिहार और मिथिला के लिए वित्तीय सहायता का मुद्दा उठाया
शैलेन्द्र मिश्रा ने टैक्स डिवॉल्यूशन के तहत बिहार और मिथिला क्षेत्र को विकास कार्यों के लिए मिलने वाली वित्तीय सहायता का मुद्दा भी रखा। उन्होंने मिथिला क्षेत्र के विकास के लिए विशेष वित्तीय अनुदान लागू करने की मांग की। इसके साथ ही क्षेत्र की भाषा, शिक्षा और आर्थिक विकास से जुड़े विषयों को प्राथमिकता देने की आवश्यकता बताई।


