नोएडा। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (यूपीपीसीबी) शहर की सोसायटियों में संचालित सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) की नियमित जांच नहीं कर रहा है। इससे नदियों में प्रदूषण बढ़ने की आशंका गहरा गई है।
छह माह से नहीं लिए गए सैंपल
जानकारी के अनुसार, यूपीपीसीबी ने पिछले छह माह से शहर की 95 सोसायटियों में संचालित एसटीपी से निकलने वाले शोधित पानी के सैंपल नहीं लिए हैं। नियमित निगरानी नहीं होने से जल गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
हर तीन माह में जांच के थे निर्देश
एनजीटी ने यूपीपीसीबी को निर्देश दिया था कि हर तीन माह में एसटीपी के पानी के सैंपल लेकर उनकी जांच की जाए और रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। इसके बावजूद निर्धारित समय पर सैंपलिंग नहीं होने से आदेशों के पालन पर सवाल उठ रहे हैं।
प्रदूषण बढ़ने की आशंका
विशेषज्ञों का मानना है कि एसटीपी की नियमित जांच नहीं होने से अशोधित या मानकों से कम गुणवत्ता वाला पानी जल स्रोतों में पहुंच सकता है। इससे नदियों और पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका बढ़ गई है।


