नोएडा। अंडरग्राउंड केबलिंग घोटाले के मामले में कार्मिक ओएसडी अशोक कुमार ने जांच करने से इनकार कर दिया है। उनका कहना है कि जिन अधिकारियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल होनी है, वे उनसे वरिष्ठ पद पर हैं। ऐसे में निचले स्तर का अधिकारी शीर्ष अधिकारियों की जांच नहीं कर सकता और यह जिम्मेदारी उनसे उच्च स्तर के अधिकारी को दी जानी चाहिए।
चार अधिकारियों पर चार्जशीट की तैयारी
यादव सिंह प्रकरण से जुड़े इस मामले में नोएडा प्राधिकरण के चार अधिकारियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की जानी थी। इनमें वर्तमान में महाप्रबंधक (जल, सीवर एवं ईएंडएम) आरपी सिंह, निजामुद्दीन, प्रमोद और रामेंद्र शामिल हैं। इनमें से कुछ अधिकारियों का तबादला हो चुका है।
शासन के निर्देशों के बाद भी नहीं बढ़ी कार्रवाई
शासन के बार-बार निर्देश देने के बावजूद नोएडा प्राधिकरण ने संबंधित अधिकारियों की चार्जशीट शासन को नहीं भेजी। इसके बाद फरवरी में शासन ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई और सीईओ के निर्देश पर मामले की जांच और चार्जशीट तैयार करने के लिए जांच अधिकारी नियुक्त किया गया।
पांच महीने बाद फिर अटकी प्रक्रिया
जांच अधिकारी की नियुक्ति के करीब पांच महीने बाद कार्मिक ओएसडी ने जांच से इनकार कर दिया है। इससे अंडरग्राउंड केबलिंग घोटाले में चार्जशीट की प्रक्रिया एक बार फिर अधर में लटक गई है और मामले में आगे की कार्रवाई पर सवाल खड़े हो गए हैं।


