ग्रेटर नोएडा। औद्योगिक भूखंड आवंटन निरस्तीकरण के मामले में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने अपना रुख बदल लिया है। पिछले महीने प्राधिकरण ने करीब 16 औद्योगिक भूखंडों का आवंटन निरस्त करने के लिए नोटिस जारी किया था, लेकिन अब मामले की दोबारा जांच कराने का निर्णय लिया गया है।
निर्माण पूरा न होने का आरोप
प्राधिकरण का आरोप था कि संबंधित आवंटियों ने निर्धारित समय सीमा के भीतर निर्माण कार्य पूरा नहीं किया और औद्योगिक इकाइयों को संचालन में भी नहीं लाया। इसी आधार पर आवंटन निरस्त करने की कार्रवाई शुरू की गई थी।
उद्यमियों ने जताई आपत्ति
नोटिस मिलने के बाद प्रभावित उद्यमियों ने प्राधिकरण के समक्ष अपनी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने बताया कि विभिन्न प्रशासनिक और तकनीकी कारणों से निर्माण कार्य समय पर पूरा नहीं हो सका तथा इन समस्याओं से प्राधिकरण को भी अवगत कराया।
सीईओ ने गठित की जांच टीम
उद्यमियों की आपत्तियों को देखते हुए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार ने मामले की निष्पक्ष जांच के लिए एक टीम गठित करने की जानकारी दी। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई और अंतिम निर्णय लिया जाएगा।


