ग्रेटर नोएडा। जिला उपभोक्ता आयोग ने यमुना प्राधिकरण को फ्लैट खरीदार के पक्ष में महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए बुकिंग के समय जमा कराई गई पूरी मूल राशि छह प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ लौटाने का आदेश दिया है। आयोग ने माना कि प्राधिकरण तय समय सीमा में फ्लैट का कब्जा देने में विफल रहा।
पीड़ित की शिकायत
पीड़ित ने आयोग में दायर शिकायत में कहा था कि यमुना प्राधिकरण ने फ्लैट आवंटित करने के बाद निर्धारित समय के भीतर निर्माण कार्य पूरा नहीं किया। इसके कारण उसे तय समय पर फ्लैट का कब्जा नहीं मिल सका और आर्थिक व मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ा।
दोनों पक्षों की सुनवाई
मामले की सुनवाई के दौरान आयोग ने शिकायतकर्ता और यमुना प्राधिकरण, दोनों पक्षों की दलीलों को विस्तार से सुना। उपलब्ध दस्तावेजों और तथ्यों के आधार पर आयोग ने पाया कि प्राधिकरण समय पर अपनी जिम्मेदारी निभाने में असफल रहा।
ब्याज सहित राशि लौटाने के निर्देश
सभी तथ्यों पर विचार करने के बाद जिला उपभोक्ता आयोग ने यमुना प्राधिकरण को निर्देश दिया कि वह फ्लैट बुकिंग के समय जमा कराई गई मूल राशि शिकायतकर्ता को छह प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित वापस करे। आयोग के इस फैसले से फ्लैट खरीदारों को राहत मिलने की उम्मीद है।


