ग्रेटर नोएडा। मंगलवार को हुई तेज बारिश के कारण गामा-1 और बीटा-1 सेक्टर के बीच 60 मीटर रोड पर बना नाला अचानक टूटकर धंस गया। नाले का एक बड़ा हिस्सा भरभराकर गिरने से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। राहत की बात यह रही कि हादसे के समय वहां कोई वाहन या राहगीर मौजूद नहीं था, जिससे बड़ी जनहानि टल गई। घटना के बाद लोगों ने प्राधिकरण की कार्यशैली पर सवाल उठाए।
वर्षों से हो रही थी शिकायत
स्थानीय निवासियों का कहना है कि नाले की जर्जर स्थिति को लेकर कई वर्षों से लगातार शिकायतें की जा रही थीं। लोगों ने प्राधिकरण को लिखित और मौखिक रूप से भी समस्या से अवगत कराया था। इसके बावजूद नाले की मरम्मत या पुनर्निर्माण के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। हर बार केवल आश्वासन देकर मामला टाल दिया गया।
बारिश के दबाव से ढही दीवार
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार तेज बारिश शुरू होते ही नाला पूरी तरह पानी से भर गया। पानी का दबाव बढ़ने पर नाले की कमजोर दीवारें जवाब दे गईं और बीच का हिस्सा अचानक धंस गया। टूटे हुए हिस्से का मलबा गंदे पानी में गिर गया, जिससे जल निकासी भी प्रभावित हो गई। आसपास के क्षेत्र में लोगों को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ा।
रोज गुजरते हैं सैकड़ों लोग
यह 60 मीटर रोड ग्रेटर नोएडा के प्रमुख मार्गों में शामिल है, जहां से प्रतिदिन सैकड़ों छात्र, कर्मचारी और अन्य राहगीर गुजरते हैं। हादसे के बाद स्थानीय लोगों में प्राधिकरण के प्रति नाराजगी है। उनका कहना है कि समय रहते मरम्मत कराई जाती तो यह स्थिति नहीं बनती। लोगों ने नाले की तत्काल मरम्मत और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।


