नोएडा। नोएडा में करीब 290 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया सिंथेटिक एथलेटिक्स ट्रैक उद्घाटन से पहले ही विवादों में आ गया है। एथलीटों और प्रशिक्षकों का आरोप है कि स्टेडियम में 400 मीटर के मानक ट्रैक की जगह 300 मीटर का ट्रैक बनाया गया है, जो अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप नहीं है। उनका कहना है कि इस ट्रैक पर न तो आधिकारिक प्रतियोगिताएं आयोजित की जा सकती हैं और न ही खिलाड़ियों को अपेक्षित स्तर की तैयारी मिल पाएगी।
स्थानीय एथलीट सचिन, जो 5,000 और 10,000 मीटर दौड़ के खिलाड़ी हैं, ने बताया कि नोएडा में अब तक सिंथेटिक ट्रैक नहीं होने के कारण उन्हें नियमित अभ्यास के लिए दिल्ली के अक्षरधाम और जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम जाना पड़ता था। लंबे इंतजार के बाद ट्रैक बनने की उम्मीद जगी थी, लेकिन 300 मीटर का ट्रैक बनने से खिलाड़ियों की उम्मीदों को झटका लगा है। उनका कहना है कि पेशेवर एथलेटिक्स में 400 मीटर ट्रैक ही मानक होता है।
एथलीटों और कोचों का कहना है कि दुनिया भर में प्रतियोगिताओं और पेशेवर प्रशिक्षण के लिए 400 मीटर ट्रैक का ही उपयोग किया जाता है। ऐसे में 300 मीटर का ट्रैक बनाना समझ से परे है। उनका आरोप है कि इस डिजाइन के कारण खिलाड़ियों को प्रतियोगिताओं के अनुरूप अभ्यास नहीं मिल सकेगा और भविष्य में राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं की मेजबानी करना भी संभव नहीं होगा।
खिलाड़ियों ने नोएडा प्राधिकरण से इस परियोजना की तकनीकी समीक्षा कराने और ट्रैक के निर्माण से जुड़े निर्णयों पर स्पष्ट जवाब देने की मांग की है। उनका कहना है कि करोड़ों रुपये की लागत से तैयार की गई खेल सुविधा का उद्देश्य खिलाड़ियों को बेहतर मंच उपलब्ध कराना होना चाहिए, इसलिए यदि निर्माण में मानकों की अनदेखी हुई है तो उसकी जांच कर आवश्यक सुधार किए जाने चाहिए।


