नोएडा। नोएडा के सेक्टर-51 में बिजली व्यवस्था को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। डीडी आरडब्ल्यूए फेडरेशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष और सेक्टर-51 आरडब्ल्यूए के महासचिव संजीव कुमार ने पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (पीवीवीएनएल) के चीफ इंजीनियर को पत्र भेजकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि सेक्टर में रोजाना 4 से 5 बार बिजली कटौती हो रही है, जबकि क्षेत्र नो-कट जोन में आता है। इसके अलावा लगातार हो रही वोल्टेज फ्लकचुएशन के कारण लोगों के घरों में लगे एयर कंडीशनर, फ्रिज, टेलीविजन और अन्य महंगे उपकरण खराब हो रहे हैं। आरोप है कि विभाग शिकायतों के बावजूद कोई प्रभावी कदम नहीं उठा रहा।
स्मार्ट मीटर में आग से मचा हड़कंप, 440 वोल्ट सप्लाई से जले घरेलू उपकरण
आरडब्ल्यूए द्वारा भेजी गई शिकायत के अनुसार सेक्टर-51 के सी-141 स्थित एक मकान में 14 जून की सुबह स्मार्ट मीटर के पास लूज कनेक्शन और हाई वोल्टेज के कारण आग लग गई। बताया गया कि आग के चलते दो फेज आपस में चिपक गए और घर में 440 वोल्ट से अधिक सप्लाई पहुंच गई। इससे एयर कंडीशनर में आग लग गई, फ्रिज खराब हो गया और घर की सभी ट्यूबलाइटें जल गईं। आरडब्ल्यूए का दावा है कि यह घटना विभागीय लापरवाही का परिणाम है और पीड़ित परिवार को नुकसान की भरपाई के लिए मुआवजा दिया जाना चाहिए। शिकायत में यह भी कहा गया है कि डी-44 और डी-162 समेत अन्य मकानों के निवासियों ने भी बिजली फ्लकचुएशन से उपकरण खराब होने की शिकायत दर्ज कराई है।
‘स्मार्ट मीटर नहीं तो बिल नहीं’ के आरोप से बढ़ा विवाद
शिकायत में एक और गंभीर आरोप लगाया गया है। सेक्टर-51 के डी-68 निवासी के हवाले से कहा गया है कि पिछले दो महीनों से उनका बिजली बिल जारी नहीं किया जा रहा और उन्हें दूसरा स्मार्ट मीटर लगवाने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। आरडब्ल्यूए ने इसे उपभोक्ताओं पर अनावश्यक दबाव बताते हुए विभाग से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। संजीव कुमार का कहना है कि यदि बिजली विभाग मानक के अनुरूप सप्लाई देने में विफल रहता है और उसकी वजह से उपभोक्ताओं के उपकरण खराब होते हैं तो नुकसान की भरपाई करना भी विभाग की जिम्मेदारी है। अब इस शिकायत के बाद सवाल उठ रहे हैं कि हाईटेक शहर नोएडा में आखिर बिजली व्यवस्था की निगरानी कौन कर रहा है और उपभोक्ताओं की शिकायतों पर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही।


