नोएडा हिंसा मामले में बड़ा खुलासा, “डीसीपी का ड्राइवर” निकला फर्जी दावा

Noida News : नोएडा में हुए श्रमिक हिंसा मामले में फेज-2 थाना पुलिस ने बृहस्पतिवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए आरोपी अनिल कुमार को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी को मदरसन कंपनी के पीछे से दबोचा। आरोपी के कब्जे से मोबाइल फोन भी बरामद किया गया है।

पुलिस जांच प्रभावित करने की रची जा रही थी साजिश

कमिश्नरेट पुलिस के अनुसार, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पुलिस के खिलाफ झूठी और भ्रामक जानकारी फैलाकर हिंसा मामले की जांच को प्रभावित करने का प्रयास किया जा रहा था। पुलिस का कहना है कि कुछ लोग सुनियोजित तरीके से अफवाह फैलाकर माहौल खराब करने में जुटे थे।

“डीसीपी का ड्राइवर” बताए जाने का दावा निकला फर्जी

जांच में सामने आया कि गिरफ्तार आरोपी अनिल कुमार न तो किसी सरकारी विभाग में कार्यरत है और न ही वह किसी डीसीपी का चालक है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी हापुड़ के बाबूगढ़ छावनी थाना क्षेत्र का रहने वाला है और दिल्ली में एक निजी संस्था में कार्यरत व्यक्ति का प्राइवेट ड्राइवर है।

रिचा ग्लोबल कंपनी से भी नहीं है कोई संबंध

पुलिस जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि वर्तमान समय में आरोपी का रिचा ग्लोबल कंपनी से कोई लेना-देना नहीं है। हालांकि वह करीब दो वर्ष पहले कंपनी में काम कर चुका है।

व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ने की अफवाह भी गलत

सोशल मीडिया पर यह दावा किया जा रहा था कि पुलिस ने जानबूझकर आरोपी को रिचा कंपनी के व्हाट्सएप ग्रुप में शामिल करवाया था। कमिश्नरेट पुलिस ने इन आरोपों को पूरी तरह निराधार और झूठा बताया है।

अन्य पहलुओं पर भी जारी है पूछताछ

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपी से मामले के अन्य बिंदुओं पर भी गहन पूछताछ की जा रही है। साथ ही अफवाह फैलाने वाले अन्य लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।

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