नोएडा में पिछले कई दिनों से चल रही कूड़ा वाहन चालकों की हड़ताल के कारण शहर की स्वच्छता व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो गई है। जगह-जगह लगे कूड़े के ढेर और फैलती बदबू के बीच फोनरवा के प्रतिनिधिमंडल ने विशेष कार्याधिकारी क्रांति शेखर से मुलाकात कर नाराजगी जताई।
“बार-बार की हड़ताल से स्वास्थ्य संकट गहरा रहा”
फोनरवा अध्यक्ष योगेन्द्र शर्मा ने कहा कि लगातार हो रही हड़तालों के कारण शहर की सफाई व्यवस्था चरमरा गई है और इसका सीधा असर नागरिकों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। उन्होंने प्राधिकरण से मांग की कि भविष्य में ऐसी स्थिति से निपटने के लिए स्थायी और वैकल्पिक व्यवस्था तैयार की जाए।
पुरानी व्यवस्था को बताया बेहतर
बैठक में फोनरवा ने कहा कि पहले विभिन्न सेक्टरों की आरडब्ल्यूए अपने स्तर पर घर-घर कूड़ा संग्रहण कराती थीं, जिससे व्यवस्था बेहतर रहती थी और एजेंसियों पर नियंत्रण भी बना रहता था। उस समय हड़ताल जैसी समस्याएं सामने नहीं आती थीं।
स्वास्थ्य विभाग खत्म होने पर उठे सवाल
प्रतिनिधिमंडल ने यह भी चिंता जताई कि नोएडा प्राधिकरण के स्वास्थ्य विभाग को समाप्त कर सिविल विभाग में मिलाने के बाद से सफाई व्यवस्था में गिरावट आई है। विभिन्न वर्क सर्किलों में जिम्मेदारियों की स्पष्टता नहीं होने के कारण स्वच्छता कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
मानसून से पहले नालों की सफाई की मांग
फोनरवा ने आगामी मानसून को देखते हुए बड़े नालों और जल निकासी तंत्र की सफाई का मुद्दा भी उठाया। प्रतिनिधिमंडल ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते नालों की सफाई नहीं हुई तो बारिश में कई सेक्टर जलभराव की चपेट में आ सकते हैं।
अधिकारियों ने दिया कार्रवाई का आश्वासन
विशेष कार्याधिकारी क्रांति शेखर ने प्रतिनिधिमंडल द्वारा उठाए गए मुद्दों पर जल्द आवश्यक कार्रवाई और समाधान का आश्वासन दिया। बैठक में अशोक मिश्रा, एडवोकेट लाट साहब लोहिया, प्रदीप वोहरा, जी.एस. सचदेवा, कोसिंदर यादव, विनोद शर्मा, देवेंद्र यादव, अनीता सिंह और सुभाष भाटी समेत कई पदाधिकारी मौजूद रहे।






