नोएडा। नॉलेज पार्क स्थित कलाधाम सोसायटी में बोरवेल के लिए खोदे गए गड्ढे में गिरकर छह वर्षीय अव्यान की मौत के मामले में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की बड़ी लापरवाही सामने आई है। जिस ट्यूबवेल को सोसायटी के बाहर ग्रीन बेल्ट में लगाया जाना था, उसे बिना अनुमति सीधे सोसायटी के भीतर स्थानांतरित कर बोरिंग का काम शुरू करा दिया गया। पानी से भरे खुले गड्ढे में गिरने से मासूम की जान चली गई।
ग्रीन बेल्ट के लिए थी मंजूरी, अंदर शुरू करा दिया काम
प्राधिकरण अधिकारियों के अनुसार ट्यूबवेल का कार्य ग्रीन बेल्ट में प्रस्तावित था। इसके लिए तीन दिन पहले ही ग्रीन बेल्ट में लगे नौ पेड़ों को स्थानांतरित करने हेतु वन विभाग को पत्र भेजा गया था। इसके बावजूद प्राधिकरण के सुपरवाइजर जानी, टेक्निकल सुपरवाइजर आकाश और कार्यदायी संस्था मैसर्स सुप्रीम के ठेकेदार मनोज जैन ने आपसी साठगांठ से मशीनें कलाधाम सोसायटी के भीतर लगवा दीं और बिना औपचारिक अनुमति के बोरिंग शुरू करा दी।
खुले गड्ढे ने ली मासूम की जान
बोरिंग के दौरान पानी की आवश्यकता को देखते हुए पास में बड़ा गड्ढा खोदकर उसमें पानी भर दिया गया, लेकिन उसे खुला छोड़ दिया गया और सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं किए गए। खेलते समय छह वर्षीय अव्यान इसी गड्ढे में गिर गया और डूबने से उसकी मौत हो गई। घटना के बाद प्राधिकरण हरकत में आया और सीईओ के निर्देश पर वरिष्ठ प्रबंधक (जल) विनोद शर्मा ने दोनों सुपरवाइजर और ठेकेदार के खिलाफ नॉलेज पार्क थाने में एफआईआर दर्ज कराई।
दो सुपरवाइजर बर्खास्त, जांच की जिम्मेदारी जीएम को
प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार ने दोनों सुपरवाइजर को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया है। जीएम परियोजना एके सिंह ने बताया कि बिना अनुमति कार्यस्थल बदलना और सुरक्षा मानकों की अनदेखी गंभीर लापरवाही है। मामले की जांच की जिम्मेदारी भी उन्हें सौंपी गई है। सीईओ ने कहा कि जांच में यदि वरिष्ठ अधिकारियों की भी लापरवाही सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई होगी। साथ ही सभी वर्क सर्किल को निर्देश दिए गए हैं कि बैरिकेडिंग और सुरक्षा के पूरे इंतजाम के बाद ही किसी भी कार्य की शुरुआत की जाए। वहीं, एसडीएम सदर आशुतोष गुप्ता ने बताया कि जिला प्रशासन पीड़ित परिवार को राज्य आपदा राहत के तहत सहायता दिलाने का प्रयास कर रहा है तथा दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।


