नोएडा। मानसून की दस्तक से पहले नालों की सफाई को लेकर नोएडा प्राधिकरण के दावे एक बार फिर सवालों के घेरे में हैं। सेक्टर-22 के सामाजिक कार्यकर्ता सुदर्शन अवस्थी ने नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) को पत्र भेजकर बी-ब्लॉक से रिलायंस की ओर बहने वाले मुख्य नाले की तत्काल सफाई कराने की मांग की है।
मुख्य नाला चोक, ए-बी-सी ब्लॉकों की नालियां भी प्रभावित
पत्र में कहा गया है कि यह नाला लंबे समय से पूरी तरह चोक पड़ा हुआ है, जिसके कारण ए, बी और सी ब्लॉक की आंतरिक नालियों का पानी भी निकासी नहीं हो पा रहा है। नाले में जमा कचरा, प्लास्टिक और सिल्ट के कारण गंदा पानी रुका हुआ है, जिससे क्षेत्र में दुर्गंध, मच्छरों का प्रकोप और संक्रामक बीमारियों का खतरा लगातार बढ़ रहा है।
CEO के निर्देशों के बावजूद जमीनी हकीकत पर सवाल
सबसे बड़ा सवाल यह है कि कुछ समय पहले ही नोएडा प्राधिकरण के CEO द्वारा मानसून से पहले सभी नालों और ड्रेनों की सफाई के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद सेक्टर-22 जैसे घनी आबादी वाले इलाके में मुख्य नाले का जाम होना जमीनी स्तर पर कार्यों की स्थिति पर सवाल खड़े कर रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते गाद नहीं निकाली गई तो बारिश के दौरान पूरे सेक्टर में जलभराव की गंभीर स्थिति बन सकती है।
बारिश में पूरे सेक्टर पर मंडरा रहा जलभराव का खतरा
सुदर्शन अवस्थी ने अपने पत्र में मांग की है कि स्वास्थ्य एवं जलभराव नियंत्रण विभाग के अधिकारियों को तत्काल निर्देश देकर मशीनों से नाले की व्यापक सफाई कराई जाए। अब देखने वाली बात होगी कि प्राधिकरण के पूर्व निर्देशों के बावजूद बनी इस स्थिति पर प्रशासन कितनी तेजी से कार्रवाई करता है और सेक्टर-22 के निवासियों को राहत कब तक मिलती है।







