नोएडा में छात्रों का गुस्सा सड़कों पर: NTA की तैयारी हुई फेल, फिर रद्द हुई परीक्षा; छात्रों की मेहनत पर फिरा पानी

नोएडा। सेक्टर-64 स्थित आदर्श परीक्षा केंद्र में शनिवार को आयोजित सीयूईटी (कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट) परीक्षा तकनीकी खामियों की भेंट चढ़ गई। सुबह से परीक्षा देने पहुंचे सैकड़ों अभ्यर्थियों को घंटों तक इंतजार करना पड़ा, लेकिन तकनीकी दिक्कतों के कारण परीक्षा शुरू नहीं हो सकी। अंततः परीक्षा रद्द किए जाने की घोषणा के बाद छात्रों और अभिभावकों ने केंद्र के बाहर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।

परीक्षा में शामिल होने के लिए छात्र निर्धारित समय से पहले ही परीक्षा केंद्र पहुंच गए थे। प्रवेश प्रक्रिया पूरी होने के बाद अभ्यर्थियों को परीक्षा कक्षों में बैठा दिया गया, लेकिन तय समय बीतने के बावजूद परीक्षा शुरू नहीं हुई। छात्रों का कहना है कि उन्हें लगातार इंतजार कराया गया, जबकि प्रशासन की ओर से स्थिति स्पष्ट नहीं की जा रही थी।

भीषण गर्मी में छात्रों की बढ़ी परेशानी

अभ्यर्थियो के अनुसार कई परीक्षा कक्षों में पंखे तक सही तरीके से नहीं चल रहे थे। भीषण गर्मी के बीच छात्र घंटों तक परीक्षा शुरू होने की उम्मीद में बैठे रहे। समय बीतने के साथ उनकी बेचैनी और नाराजगी बढ़ती गई, लेकिन तकनीकी समस्या का समाधान नहीं हो सका।

परिजनों को भी करना पड़ा लंबा इंतजार

प्रदर्शन कर रहे अभिभावकों ने बताया कि वे सुबह से ही अपने बच्चों को परीक्षा केंद्र छोड़कर लौट गए थे और निर्धारित समय पर लेने पहुंचे, लेकिन तब तक परीक्षा शुरू भी नहीं हुई थी। केंद्र के अंदर से बार-बार तकनीकी खराबी की जानकारी दी जा रही थी, जिससे छात्रों और परिजनों में असमंजस की स्थिति बनी रही।

परीक्षा रद्द होने से भविष्य को लेकर बढ़ी चिंता

छात्रों का कहना है कि उन्होंने कई महीनों की मेहनत और तैयारी के बाद यह परीक्षा देने पहुंचे थे। देश के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षण संस्थानों में प्रवेश के लिए आयोजित होने वाली इस परीक्षा के रद्द होने से उनके भविष्य को लेकर चिंता बढ़ गई है। अभ्यर्थियों ने जल्द नई परीक्षा तिथि घोषित करने की मांग की है।

एनटीए के खिलाफ नारेबाजी, जवाबदेही तय करने की मांग

परीक्षा रद्द होने की घोषणा के बाद केंद्र के बाहर छात्रों और अभिभावकों ने एनटीए के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि यदि तकनीकी व्यवस्थाएं पूरी तरह तैयार नहीं थीं तो परीक्षा आयोजित नहीं की जानी चाहिए थी। उन्होंने परीक्षा प्रक्रिया में हुई लापरवाही की जांच और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

अव्यवस्थाओं पर उठे सवाल

छात्रों और अभिभावकों का कहना है कि राष्ट्रीय स्तर की महत्वपूर्ण परीक्षा में इस तरह की अव्यवस्था गंभीर चिंता का विषय है। उनका आरोप है कि बेहतर तकनीकी प्रबंधन और पूर्व परीक्षण किए गए होते तो हजारों छात्रों का समय और मेहनत बर्बाद नहीं होती। देर शाम तक केंद्र के बाहर विरोध प्रदर्शन जारी रहा और अभ्यर्थी अपनी मांगों को लेकर डटे रहे।

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