ग्रेटर नोएडा। आवारा कुत्तों के आतंक को लेकर जिला उपभोक्ता आयोग ने दिल्ली-एनसीआर के नजरिये से महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। आयोग ने कहा कि यदि आरडब्ल्यूए (अपार्टमेंट ओनर्स एसोसिएशन) निवासियों से रखरखाव शुल्क लेती है, तो परिसर में सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराना उसकी जिम्मेदारी है।
बच्ची पर हमले के मामले में फैसला
आवारा कुत्तों के हमले में घायल बच्ची के मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद आयोग ने माना कि नोएडा के सेक्टर-82 स्थित केंद्रीय विहार-द्वितीय की आरडब्ल्यूए परिसर में आवारा कुत्तों के खतरे को रोकने में विफल रही। इसे सेवा की शर्तों का उल्लंघन मानते हुए आयोग ने पीड़ित पक्ष के पक्ष में फैसला सुनाया।
डेढ़ लाख रुपये मुआवजे का आदेश
आयोग ने केंद्रीय विहार-द्वितीय आरडब्ल्यूए को निर्देश दिया कि वह पीड़ित पक्ष को 1.5 लाख रुपये मुआवजे के रूप में भुगतान करे। आयोग ने स्पष्ट किया कि रखरखाव शुल्क लेने वाली आरडब्ल्यूए पर निवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का दायित्व भी है।
2022 में दायर की गई थी शिकायत
शिकायतकर्ता आशीष कुमार अग्रवाल ने 16 दिसंबर 2022 को जिला उपभोक्ता आयोग में वाद दायर किया था। उन्होंने बताया कि आवारा कुत्तों के हमले में उनकी बच्ची घायल हो गई थी, जिसे एक राहगीर ने किसी तरह बचाया। मामले में आरडब्ल्यूए के तत्कालीन अध्यक्ष नागेंद्र सिंह, सचिव मोहम्मद अजीम खान और कोषाध्यक्ष काशीनाथ राम को पक्षकार बनाया गया था।


