नोएडा। हाल ही में आई तेज आंधी और बारिश के बाद शहर में बिजली के खंभे गिरने की घटनाओं को लेकर डीडीआरडब्ल्यूएफ फेडरेशन ने पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (पीवीवीएनएल) की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं। फेडरेशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष संजीव कुमार ने कहा कि उत्तर प्रदेश को सर्वाधिक राजस्व देने वाले नोएडा शहर में बिजली के बुनियादी ढांचे की हालत चिंताजनक बनी हुई है। शहर के अनेक सेक्टरों में खंभे नीचे से जंग खाकर गल चुके हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बढ़ रहा है।
“मेंटेनेंस की जगह वेल्डिंग से चलाया जा रहा काम”
संजीव कुमार का आरोप है कि विभाग खंभों की नियमित और वैज्ञानिक तरीके से देखभाल करने के बजाय केवल वेल्डिंग कर उन्हें अस्थायी रूप से ठीक करने में विश्वास रखता है। उनका कहना है कि यदि समय-समय पर खंभों पर प्राइमर और पेंट कराया जाए तो उनकी उम्र बढ़ सकती है और जंग लगने की समस्या को काफी हद तक रोका जा सकता है। उन्होंने सवाल उठाया कि बिजली दरों में बढ़ोतरी और अन्य शुल्क वसूले जाने के बावजूद विभाग अपने इंफ्रास्ट्रक्चर की उचित देखभाल क्यों नहीं कर रहा।
“गले हुए खंभे ही गिरे, बाकी खड़े रहे”
फेडरेशन का कहना है कि हाल की आंधी में मुख्य रूप से वही खंभे गिरे जो पहले से जंग लगने के कारण कमजोर हो चुके थे, जबकि मजबूत खंभे सुरक्षित खड़े रहे। उनका मानना है कि यदि विभाग ने समय रहते इनकी मरम्मत और रखरखाव किया होता तो नुकसान को टाला जा सकता था। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि खंभों के गिरने से नागरिकों की जान-माल को खतरा पैदा होता है, लेकिन ऐसी घटनाओं में मुआवजा प्राप्त करना भी बेहद कठिन प्रक्रिया बन जाता है।
सभी खंभों का सर्वे और नंबरिंग कराने की मांग
डीडीआरडब्ल्यूएफ फेडरेशन ने मांग की है कि नोएडा के सभी सेक्टरों में लगे बिजली के खंभों का व्यापक सर्वे कराया जाए, जंग लगे खंभों की मरम्मत की जाए तथा उन पर रंग-रोगन कराया जाए। इसके अलावा प्रत्येक खंभे पर स्पष्ट पहचान संख्या लिखी जाए ताकि नागरिक संबंधित खंभे की शिकायत आसानी से दर्ज करा सकें। फेडरेशन का कहना है कि जर्जर खंभे न केवल दुर्घटना का कारण बन सकते हैं बल्कि सेक्टरों की सुंदरता को भी प्रभावित करते हैं।
कट जोन में होने के बावजूद घंटों गुल रहती है बिजली
फेडरेशन ने शहर में बार-बार होने वाली बिजली कटौती पर भी नाराजगी जताई है। संजीव कुमार के अनुसार नोएडा कट जोन श्रेणी में आता है, इसके बावजूद कई सेक्टरों में घंटों बिजली आपूर्ति बाधित रहती है। हाल की आंधी के बाद कई इलाकों में 4 से 5 घंटे तक बिजली नहीं रही। उन्होंने विभाग से मांग की है कि बिजली व्यवस्था को मजबूत बनाते हुए नागरिकों को निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।






