नोएडा। दिल्ली के मालवीय नगर स्थित एक होटल में आग लगने की दुखद घटना के बाद फेडरेशन ऑफ नोएडा रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन्स (फोनरवा) ने नोएडा और ग्रेटर नोएडा में होटल, गेस्ट हाउस और पीजी आवासों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता जताई है। फोनरवा ने पुलिस कमिश्नर श्रीमती लक्ष्मी सिंह और नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी को पत्र भेजकर पुलिस, नोएडा प्राधिकरण और अग्निशमन विभाग द्वारा संयुक्त रूप से विशेष अभियान चलाने की मांग की है।
“ऐसी घटनाएं पूरे प्रशासन के लिए चेतावनी”
फोनरवा अध्यक्ष योगेंद्र शर्मा ने कहा कि मालवीय नगर होटल अग्निकांड ने पूरे देश को झकझोर दिया है। इस हादसे में कई लोगों की जान चली गई और अनेक लोग घायल हुए। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं केवल किसी एक भवन या शहर तक सीमित नहीं होतीं, बल्कि पूरे प्रशासन और स्थानीय निकायों के लिए गंभीर चेतावनी होती हैं। अधिकांश अग्निकांडों में भवनों में अग्नि सुरक्षा मानकों की अनदेखी, पर्याप्त आपातकालीन निकास मार्गों का अभाव, फायर सेफ्टी उपकरणों का खराब होना तथा स्वीकृत मानचित्र के विपरीत निर्माण जैसी खामियां सामने आती हैं।
होटल और पीजी की बढ़ती संख्या को देखते हुए चिंता
फोनरवा के महासचिव के.के. जैन ने कहा कि नोएडा तेजी से विकसित हो रहा शहर है, जहां बड़ी संख्या में होटल, गेस्ट हाउस, पीजी, हॉस्टल और किराये के आवास संचालित हो रहे हैं। इनमें से कई प्रतिष्ठान वैध रूप से संचालित हो रहे हैं, लेकिन समय-समय पर बिना आवश्यक अनुमति और सुरक्षा मानकों के संचालन की शिकायतें भी सामने आती रहती हैं। ऐसे में किसी संभावित हादसे को रोकने के लिए व्यापक जांच अभियान चलाना बेहद जरूरी है।
फायर एनओसी, सुरक्षा उपकरण और अवैध निर्माण की हो जांच
फोनरवा ने मांग की है कि नोएडा और ग्रेटर नोएडा के सभी होटल, गेस्ट हाउस और पीजी का व्यापक सर्वेक्षण और निरीक्षण किया जाए। अग्निशमन विभाग द्वारा जारी फायर एनओसी की वैधता और उसके अनुपालन की जांच की जाए। साथ ही भवनों में फायर अलार्म, स्मोक डिटेक्टर, अग्निशमन यंत्र, स्प्रिंकलर सिस्टम और आपातकालीन निकास मार्गों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। संगठन ने स्वीकृत नक्शे के विपरीत निर्माण, बेसमेंट के अनुचित उपयोग और अवैध निर्माण की भी जांच कराने की मांग की है।
मॉक ड्रिल से परखी जाए सुरक्षा व्यवस्था
फोनरवा ने कहा कि बहुमंजिला भवनों, होटल और पीजी में आपदा की स्थिति में सुरक्षित निकासी व्यवस्था का परीक्षण किया जाना चाहिए। इसके लिए समय-समय पर मॉक ड्रिल आयोजित कर सुरक्षा व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति का आकलन किया जाए। संगठन का मानना है कि समय रहते प्रभावी कार्रवाई कर भविष्य में किसी भी बड़े हादसे और जनहानि को रोका जा सकता है।






