नोएडा। सेक्टर-113 थाना क्षेत्र में रहने वाले एक सेवानिवृत्त सहायक डिविजनल मैनेजर (एडीएम) को साइबर ठगों ने तीन दिन तक डिजिटल अरेस्ट में रखा। ठगों ने आतंकी फंडिंग और मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज होने का डर दिखाकर उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया।
ऑनलाइन कोर्ट का रचा नाटक
ठगों ने खुद को मुंबई पुलिस का अधिकारी और जज बताकर ऑनलाइन कोर्ट की सुनवाई का नाटक रचा। उन्होंने पीड़ित को जेल भेजने की धमकी दी और मामले से बचाने के नाम पर लगातार वीडियो कॉल और अन्य माध्यमों से दबाव बनाते रहे।
35 लाख रुपये की ठगी
आरोपितों ने पीड़ित को यह विश्वास दिलाया कि उनकी जमा पूंजी को जांच के लिए आरबीआई के सुरक्षित बैंक खातों में ट्रांसफर करना होगा। झांसे में आकर पीड़ित ने 35 लाख रुपये ठगों के बताए खातों में भेज दिए।
साइबर पुलिस कर रही जांच
घटना का पता चलने पर पीड़ित ने पुलिस से शिकायत की। मामले में साइबर अपराध से संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस ठगों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी है।


