नोएडा। सेक्टर-94 से सेक्टर-135 तक 11.200 किलोमीटर लंबे चार लेन के यमुना तटबंध के अनुरक्षण कार्य को उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग ने 12 वर्ष बाद शुरू करा दिया है। लंबे समय से मरम्मत और रखरखाव का इंतजार कर रहे इस महत्वपूर्ण मार्ग पर अब काम शुरू होने से लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।
10 साल पहले हुआ था सिंचाई विभाग और प्राधिकरण के बीच एमओयू
यमुना तटबंध के रखरखाव और मरम्मत कार्य को लेकर करीब 10 वर्ष पहले उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग और नोएडा प्राधिकरण के बीच एमओयू (अनुबंध) किया गया था। समझौते की शर्तों के अनुसार, सड़क की मरम्मत और अनुरक्षण का कार्य नोएडा प्राधिकरण द्वारा उपलब्ध कराई जाने वाली धनराशि से कराया जाना प्रस्तावित था।
नहीं हुई सफाई और न जारी हुआ अनुरक्षण का बजट
आरोप है कि एमओयू होने के बावजूद नोएडा प्राधिकरण ने लंबे समय तक यमुना तटबंध की साफ-सफाई नहीं कराई और न ही अनुरक्षण कार्य के लिए बजट जारी किया। इसके चलते तटबंध की स्थिति लंबे समय तक उपेक्षित रही और रखरखाव का काम शुरू नहीं हो सका।
एयरपोर्ट बनने के बाद वैकल्पिक मार्ग की जरूरत बढ़ी
जेवर स्थित नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के निर्माण के बाद नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर यातायात का दबाव बढ़ने की संभावना को देखते हुए वैकल्पिक मार्गों की आवश्यकता महसूस की गई। इसके बाद यमुना तटबंध को एक महत्वपूर्ण वैकल्पिक मार्ग के रूप में विकसित करने की योजना पर तेजी से काम शुरू किया गया।


