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यूपी में रियल एस्टेट सेक्टर ने पकड़ी रफ्तार, परियोजनाओं में रिकॉर्ड बढ़ोतरी

नोएडा: सबसे अधिक 37 परियोजनाएं लखनऊ में पंजीकृत हुईं, जबकि गौतमबुद्ध नगर 27 परियोजनाओं के साथ दूसरे स्थान पर रहा। गाजियाबाद में 19, आगरा और मथुरा में 10-10, वाराणसी में सात तथा झांसी, बाराबंकी, बरेली और प्रयागराज में तीन-तीन परियोजनाएं दर्ज की गईं। अधिकारियों ने कहा कि अब रियल एस्टेट विकास केवल एनसीआर और लखनऊ तक सीमित नहीं है, बल्कि अन्य शहर भी तेजी से नए विकास केंद्र बन रहे हैं।

तीन वर्षों में परियोजनाओं और निवेश में रिकॉर्ड वृद्धि

यूपी रेरा के अनुसार, वर्ष 2023 में 197, वर्ष 2024 में 259 और वर्ष 2025 में 308 परियोजनाएं पंजीकृत हुईं। इसी अवधि में आवासीय इकाइयों की संख्या 55,297 से बढ़कर 84,976 हो गई। वहीं, पूंजी निवेश 2023 के 28,411 करोड़ रुपये से बढ़कर 2025 में 68,328 करोड़ रुपये पहुंच गया, जो 53.5 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है।

2026 की पहली छमाही में भी जारी रही रफ्तार

अधिकारियों ने बताया कि वर्ष 2023 से 2025 के बीच कुल 2,09,638 आवासीय इकाइयां प्रस्तावित की गईं। वर्ष 2026 की पहली छमाही में प्रस्तावित 46,049 नई इकाइयों को जोड़ने पर यह संख्या बढ़कर 2,55,687 हो गई है। इससे स्पष्ट है कि राज्य में रियल एस्टेट क्षेत्र लगातार विस्तार की ओर बढ़ रहा है।

घर खरीदारों को मिली 2,173 करोड़ रुपये की राहत

यूपी रेरा ने वसूली और प्रवर्तन की कार्रवाई के माध्यम से 8,212 मामलों में घर खरीदारों को 2,173.78 करोड़ रुपये वापस दिलाए। इनमें जिला प्रशासन ने 6,411 मामलों में 1,623.28 करोड़ रुपये सीधे खरीदारों के खातों में पहुंचाए। इसके अलावा 11,558 मामलों में 6,032.42 करोड़ रुपये के संपत्ति विवाद आपसी सहमति और सुलह के माध्यम से निपटाए गए, जबकि रेरा संवाद के 206 कार्यक्रमों में 5,375 मामलों का समाधान हुआ।

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