Noida News: नोएडा में पड़ रही भीषण गर्मी और हीट वेव का असर अब लोगों की सेहत पर साफ दिखाई देने लगा है। सरकारी और निजी अस्पतालों में डायरिया, उल्टी, दस्त, डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रोक के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। पहले जहां प्रतिदिन 2 से 3 मरीज सामने आते थे, वहीं अब यह संख्या बढ़कर 15 से 20 तक पहुंच गई है। इनमें बच्चे, बुजुर्ग और युवा सभी शामिल हैं।
तेज गर्मी और लापरवाही बन रही बीमारी की बड़ी वजह
फेलिक्स हॉस्पिटल के डॉ. दानिश भट्ट के अनुसार तेज धूप में लंबे समय तक रहना, शरीर में पानी की कमी, दूषित भोजन और अस्वच्छ पानी के सेवन से लोग तेजी से बीमार हो रहे हैं। विशेषकर दोपहर के समय बाहर निकलने वाले लोग अधिक प्रभावित हो रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि बच्चों और बुजुर्गों में डिहाइड्रेशन और संक्रमण का खतरा सबसे अधिक देखा जा रहा है।
अस्पतालों में की गई विशेष व्यवस्था
मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए अस्पतालों में विशेष इंतजाम किए गए हैं। फेलिक्स हॉस्पिटल प्रशासन ने इमरजेंसी विभाग में हीट वेव और डायरिया के मरीजों के लिए अलग व्यवस्था की है। इसके अलावा अतिरिक्त बेड भी आरक्षित किए गए हैं ताकि मरीजों को तुरंत उपचार मिल सके। अस्पताल में ओआरएस, ग्लूकोज और आवश्यक दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की गई है।
डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रोक का बढ़ता खतरा
डॉक्टरों के अनुसार इस समय सबसे अधिक मामले डिहाइड्रेशन के सामने आ रहे हैं। शरीर में पानी और नमक की कमी के कारण कमजोरी, चक्कर, उल्टी, दस्त और बेहोशी जैसी समस्याएं हो रही हैं। कुछ मरीजों को तेज बुखार और पेट संक्रमण के कारण भर्ती भी करना पड़ रहा है।
खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थ बन रहे कारण
विशेषज्ञों का कहना है कि सड़क किनारे मिलने वाले कटे फल, बासी खाना और दूषित पानी डायरिया का प्रमुख कारण बन रहे हैं। तेज धूप में लंबे समय तक रहने से हीट स्ट्रोक का खतरा भी बढ़ रहा है।
बच्चों और बुजुर्गों को अधिक सावधानी की जरूरत
डॉक्टरों ने सलाह दी है कि बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखा जाए। जिन लोगों को पहले से मधुमेह, ब्लड प्रेशर या हृदय संबंधी बीमारी है, उन्हें गर्मी में अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए।
गर्मी से बचाव के लिए जरूरी सलाह
विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि लोग सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे के बीच धूप में निकलने से बचें। बाहर जाते समय सिर को ढकें, पर्याप्त पानी पिएं और हल्का भोजन करें। खुले में मिलने वाले खाद्य पदार्थों से दूरी बनाना जरूरी है. यदि किसी व्यक्ति को लगातार दस्त, उल्टी, तेज बुखार या अत्यधिक कमजोरी महसूस हो तो तुरंत अस्पताल पहुंचने की सलाह दी गई है, क्योंकि लापरवाही गंभीर स्थिति पैदा कर सकती है।
अस्पतालों में बढ़ी निगरानी
मौसम सामान्य होने तक अस्पतालों में हीट वेव और डायरिया मरीजों की विशेष निगरानी जारी रहेगी। अतिरिक्त चिकित्सक टीमों को भी तैनात किया गया है ताकि मरीजों को समय पर इलाज मिल सके।






