नोएडा के सेक्टर-82 की बदहाल व्यवस्थाओं को लेकर विधायक पंकज सिंह ने नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी को पत्र लिखकर तत्काल कार्रवाई की मांग की है। यह मुद्दा सेक्टर-82 आरडब्ल्यूए के अध्यक्ष शैलेन्द्र मिश्रा द्वारा उठाया गया, जिन्होंने सेक्टर की विभिन्न समस्याओं को लेकर प्राधिकरण के अधिकारियों और विधायक को विस्तृत शिकायत भेजी है।
जनपथ मार्ग पर अतिक्रमण, शराब की दुकानों से बढ़ी परेशानी
आरडब्ल्यूए अध्यक्ष के अनुसार सेक्टर-82 और सेक्टर-93 के बीच स्थित जनपथ मार्ग आज तक पूर्ण रूप से विकसित नहीं किया गया है। आरोप है कि मार्ग के बीच में अतिक्रमण कर बाजार विकसित कर दिया गया है और वहां दो से अधिक शराब की दुकानें संचालित हो रही हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि शाम होते ही असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगने लगता है, जिससे महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों का निकलना मुश्किल हो जाता है। आरडब्ल्यूए ने सड़क को जल्द विकसित कराने और अतिक्रमण हटाने की मांग की है।

सफाई, पार्क और पानी की व्यवस्था पर उठे सवाल
शिकायत पत्र में सेक्टर की सफाई व्यवस्था को बेहद खराब बताया गया है। आरडब्ल्यूए का आरोप है कि सफाई पर लाखों रुपये खर्च होने के बावजूद जमीनी स्तर पर काम दिखाई नहीं देता। इसके अलावा अधिकांश पार्कों में घास, झूले, बेंच और ओपन जिम जैसी सुविधाएं नहीं हैं। वहीं पिछले एक महीने से पानी का दबाव इतना कम बताया जा रहा है कि कई घरों की टंकियों तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है।
सीवर, स्ट्रीट लाइट और सरकारी मकानों पर भी चिंता
सेक्टरवासियों का कहना है कि कई स्थानों पर सीवर लाइन अब तक मुख्य लाइन से नहीं जुड़ी है, जिसके कारण बार-बार सीवर जाम की समस्या बनी रहती है। साथ ही करीब 40 प्रतिशत स्ट्रीट लाइटें बंद पड़ी हैं। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि कुछ लोगों ने सरकारी आवासों के ताले तोड़कर उन पर अवैध कब्जा कर रखा है। नियमित फॉगिंग न होने से मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ रहा है।
मांगें पूरी न होने पर आंदोलन की चेतावनी
आरडब्ल्यूए अध्यक्ष शैलेन्द्र मिश्रा ने कहा कि इन समस्याओं को कई बार नोएडा प्राधिकरण के संज्ञान में लाया जा चुका है, लेकिन स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। उन्होंने नोएडा के मकान मालिकों को मालिकाना हक देने और नोएडा में नगर निगम गठन की भी मांग उठाई है। आरडब्ल्यूए ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो सेक्टरवासी उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे।






