नोएडा। जनगणना-2027 जैसे राष्ट्रीय महत्व के कार्य में लापरवाही और असहयोग करने वाले कर्मचारियों पर अब शिकंजा कसना शुरू हो गया है। नोएडा प्राधिकरण ने ऐसे कर्मचारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने की संस्तुति कर दी है, जिन्होंने जनगणना कार्य के लिए नियुक्ति मिलने के बावजूद कार्यभार ग्रहण नहीं किया और प्रशासनिक निर्देशों को नजरअंदाज किया।
नियुक्ति मिली, लेकिन कार्यभार नहीं संभाला
प्राधिकरण द्वारा डीसीपी गौतमबुद्ध नगर को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि जनगणना-2027 के लिए नामित कर्मचारियों को प्रगणक के रूप में जिम्मेदारी सौंपी गई थी, लेकिन कई कर्मचारियों ने समय बीतने के बाद भी कार्यभार ग्रहण नहीं किया। इतना ही नहीं, विभागीय अधिकारियों द्वारा संपर्क करने और रिमाइंडर भेजने के बावजूद इन कर्मचारियों ने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया।
राष्ट्रीय महत्व के अभियान में लापरवाही
प्राधिकरण ने इसे केवल प्रशासनिक लापरवाही नहीं, बल्कि राष्ट्र के सबसे महत्वपूर्ण सरकारी अभियानों में से एक के प्रति असहयोग की गंभीर श्रेणी में माना है। पत्र में स्पष्ट कहा गया है कि जनगणना अधिनियम 1948 की धारा-5 और धारा-11 के तहत नियुक्ति स्वीकार करने से इनकार करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ विधिसम्मत प्राथमिकी दर्ज कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाए।






