नोएडा के मामूरा गांव स्थित एनसीआर पीजी में आग लगने की घटना के बाद वहां रहने वाले करीब 200 लोग बुरी तरह प्रभावित हुए। आग के बाद किसी ने होटल में तो किसी ने दोस्तों के कमरों में रात बिताई। हादसे की भयावह यादें अब भी उनके जेहन में ताजा हैं और घटना के बाद पूरे परिसर में दहशत का माहौल बना हुआ है।
मौत की घटना से अब भी सहमे लोग
पीजी में रहने वाले लोगों का कहना है कि वे तो किसी तरह अपनी जान बचाने में सफल रहे, लेकिन आग में एक युवक और एक युवती की मौत ने सभी को झकझोर कर रख दिया है। हादसे का मंजर उनकी आंखों के सामने बार-बार घूम रहा है, जिससे लोग अब भी सदमे में हैं।
सामान समेटकर दूसरी जगह हुए शिफ्ट
बृहस्पतिवार सुबह अधिकांश युवक-युवतियों और परिवारों ने पीजी से अपना सामान निकाल लिया और दूसरी जगह कमरा लेकर रहने की व्यवस्था की। दिनभर पीजी के बाहर लोगों की भीड़ लगी रही। अपने सामान को सुरक्षित निकालने और वैकल्पिक ठिकाना तलाशने में लोग व्यस्त दिखाई दिए।
शव परिजनों को सौंपे, केयरटेकर पर कार्रवाई
पोस्टमार्टम के बाद मृत युवक और युवती के शव उनके परिजनों को सौंप दिए गए, जिन्हें बिहार और मध्य प्रदेश स्थित पैतृक गांव ले जाया गया। वहीं, मामले में पुलिस ने अब तक पीजी के केयरटेकर कृष्ण के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार किया है। पुलिस आग लगने के कारणों और अन्य जिम्मेदार लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।


