ग्रेटर नोएडा। कारगिल युद्ध के दौरान जब देश की सीमाएं दुश्मनों के हमलों का सामना कर रही थीं, तब ग्रेटर नोएडा के सैंथली गांव के वीर सपूत नरेंद्र भाटी ने अदम्य साहस और वीरता का परिचय देते हुए मातृभूमि की रक्षा के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया।
दुश्मन के हमले को किया नाकाम
21 जुलाई 1999 की रात नरेंद्र भाटी ने मोर्चे पर डटे रहते हुए तीन पाकिस्तानी सैनिकों को मार गिराया। उनके साहसिक कदम से दुश्मन का हमला विफल हो गया और कई भारतीय सैनिकों की जान बच गई।
देश की रक्षा करते हुए वीरगति को प्राप्त
दुश्मनों से लोहा लेते हुए नरेंद्र भाटी ने अंत तक मोर्चा नहीं छोड़ा। देश की रक्षा करते हुए उन्होंने वीरगति प्राप्त की और अपने अद्वितीय बलिदान से भारतीय सेना के इतिहास में अमर हो गए।
शहादत आज भी देती है देशभक्ति की प्रेरणा
कारगिल के वीर शहीद नरेंद्र भाटी की शहादत आज भी हर भारतीय के लिए गर्व और प्रेरणा का स्रोत है। उनके साहस, कर्तव्यनिष्ठा और बलिदान की गाथा सुनकर हर देशवासी का सीना गर्व से चौड़ा हो जाता है।


