नोएडा। मानसिक तनाव ऐसी समस्या बनता जा रहा है, जो स्ट्रोक समेत कई गंभीर मस्तिष्क संबंधी बीमारियों का कारण बन सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि हाल के वर्षों में युवाओं में स्ट्रोक और बुजुर्गों में याददाश्त संबंधी समस्याओं के साथ लगातार सिरदर्द के मामलों में भी वृद्धि दर्ज की गई है।
जीवनशैली से बढ़ रहा जोखिम
नोएडा के स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार निष्क्रिय जीवनशैली, अनियंत्रित मधुमेह, उच्च रक्तचाप, मोटापा, मानसिक तनाव और बढ़ती उम्र मस्तिष्क संबंधी बीमारियों के प्रमुख कारण हैं। विश्व मस्तिष्क दिवस पर बुधवार को डॉक्टरों ने लोगों को इन बीमारियों के प्रति जागरूक रहने और समय रहते उपचार कराने की सलाह दी।
हर माह सैकड़ों मरीज पहुंच रहे अस्पताल
सेक्टर-110 स्थित यथार्थ अस्पताल के न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. सत्यन नंदा ने बताया कि वर्तमान समय में मस्तिष्क एवं तंत्रिका तंत्र से जुड़ी बीमारियों के मरीज लगातार बढ़ रहे हैं। अस्पताल की न्यूरोलॉजी ओपीडी में प्रतिमाह करीब 300 से 320 मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं।
समय पर जांच और उपचार है जरूरी
विशेषज्ञों का कहना है कि स्ट्रोक और अन्य न्यूरोलॉजिकल बीमारियों के लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। समय पर जांच, संतुलित जीवनशैली, नियमित व्यायाम और तनाव पर नियंत्रण रखकर इन गंभीर बीमारियों के जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है।


